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What are the major scientific challenges for Uttar Pradesh in becoming a trillion dollar economy? (8 Marks) UPPCS Mains 2024 GS-6

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उत्तर प्रदेश का ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनने के लिये मुख्य वैज्ञानिक चुनौतियाँ क्या हैं?

Ans: परिचय: उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। परंतु इस दिशा में राज्य को कई वैज्ञानिक, तकनीकी और संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य बिंदु:

  • अनुसंधान एवं नवाचार में निवेश की कमी से तकनीकी प्रगति सीमित है।
  • कृषि और उद्योगों में आधुनिक तकनीक का कम उपयोग उत्पादकता घटाता है।
  • कौशल प्रशिक्षण और वैज्ञानिक जनशक्ति की अपर्याप्तता नवाचार को बाधित करती है।
  • स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण में वैज्ञानिक समाधान की कमी है।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर व लैब सुविधाएँ अनुसंधान संस्थानों में पर्याप्त नहीं हैं।
  • AI, बायोटेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता का अभाव है।
  • सरकारी-निजी क्षेत्र के समन्वय की कमी से नवाचारों का व्यावसायीकरण धीमा है।

निष्कर्ष: इन चुनौतियों को दूर कर उत्तर प्रदेश विज्ञान-आधारित विकास मॉडल को अपनाकर ही ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुँच सकता है।

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Examine the participation of Uttar Pradesh Government in the “Digital India” national mission. (8 Marks) UPPCS Mains 2024 GS-6

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“डिजिटल इंडिया” राष्ट्रीय मिशन में उत्तर प्रदेश सरकार की भागीदारी का परीक्षण कीजिये ।

Ans: परिचय:

“डिजिटल इंडिया मिशन” का उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मिशन में सक्रिय भागीदारी करते हुए ई-गवर्नेंस, डिजिटल शिक्षा, और ऑनलाइन सेवाओं को व्यापक रूप से लागू किया है।

मुख्य बिंदु:

  • राज्य में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत नागरिक सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध कराई गईं।
  • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएँ पहुँचा रहे हैं।
  • डिजिटल साक्षरता अभियान (PMDISHA) से लाखों नागरिक प्रशिक्षित हुए।
  • एकीकृत डिजिटल पोर्टल से भूमि, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाएँ एक क्लिक पर सुलभ हुईं।
  • स्टार्टअप और आईटी नीति के माध्यम से डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा मिला।
  • स्मार्ट सिटी मिशन में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विलांस सिस्टम का विस्तार हुआ।
  • फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क (भारतनेट) से गाँवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत हुई।

निष्कर्ष: “डिजिटल इंडिया” में उत्तर प्रदेश की भागीदारी से राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता, सेवा सुगमता और डिजिटल समावेशन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

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What are the policies of the Government of Uttar Pradesh to promote innovations in science and technology? [Marks-8] UPPCS Mains 2024 GS-6

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिये उत्तर प्रदेश सरकार की क्या नीतियाँ हैं ?

Ans: परिचय:

उत्तर प्रदेश सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science & Technology) में नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतियाँ और कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनका उद्देश्य राज्य को नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना और युवाओं को स्टार्टअप व अनुसंधान के लिए प्रेरित करना है।

मुख्य बिंदु:

  • उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2020 के तहत नवाचार आधारित उद्यमों को वित्तीय और तकनीकी सहायता।
  • आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2021 से टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों का विकास।
  • राज्य नवाचार कोष (Innovation Fund) की स्थापना शोध और प्रोटोटाइप विकास के लिए।
  • इन्क्यूबेशन सेंटर और टेक्नोलॉजी पार्क विश्वविद्यालयों में स्थापित किए जा रहे हैं।
  • डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस परियोजनाओं से नवाचार को बढ़ावा।
  • AI, रोबोटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्रों में अनुसंधान को प्रोत्साहन।
  • नवाचार पुरस्कार योजनाओं से युवा वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जा रहा है।

निष्कर्ष: इन नीतियों से उत्तर प्रदेश में नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को नई दिशा मिली है। यह राज्य को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर कर रहा है।

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Mention the technological advancement adopted by the Uttar Pradesh Government to improve weather forecasting. [Marks-8] UPPCS Mains 2024 GS-6

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मौसम के पूर्वानुमान में सुधार के लिये उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपनायी गयी तकनीकी प्रगति का उल्लेख कीजिये।

Ans: परिचय:

 उत्तर प्रदेश सरकार ने मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecasting) को अधिक सटीक और समयबद्ध बनाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी और डेटा आधारित प्रणाली को अपनाया है। इसका उद्देश्य किसानों, आपदा प्रबंधन और नीति-निर्माण में मदद पहुँचाना है।

मुख्य बिंदु:

  • ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और रेन गेज नेटवर्क राज्य के अधिकांश जिलों में स्थापित किए गए हैं।
  • डॉपलर रडार प्रणाली से वर्षा, तूफान और आँधी की सटीक निगरानी की जाती है।
  • रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट डेटा के माध्यम से मौसम परिवर्तन की वास्तविक समय जानकारी मिलती है।
  • राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) द्वारा मौसम अलर्ट प्रणाली विकसित की गई है।
  • कृषि मौसम सेवा केंद्रों के माध्यम से किसानों को SMS और मोबाइल ऐप से मौसम सलाह दी जाती है।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मॉडल मौसम विश्लेषण को अधिक विश्वसनीय बना रहे हैं।
  • भारत मौसम विभाग (IMD) के साथ समन्वय से राज्य स्तरीय पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ी है।

निष्कर्ष: इन तकनीकी प्रगतियों से उत्तर प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता और आपदा तैयारी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे कृषि और जनजीवन दोनों सुरक्षित हुए हैं।

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What are the challenges to promote viticulture in Uttar Pradesh and how it can support economic development of Uttar Pradesh? [8 Marks] UPPCS Mains 2024 GS-6

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उत्तर प्रदेश में अंगूर की खेती को बढ़ावा देने में क्या चुनौतियाँ हैं और यह उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में किस प्रकार सहायक हो सकती है?

Ans: परिचय:

उत्तर प्रदेश में अंगूर की खेती (Grape Cultivation) अब धीरे-धीरे विकसित हो रही है, विशेषकर पश्चिमी और बुंदेलखंड क्षेत्रों में। यह खेती राज्य में कृषि विविधीकरण और ग्रामीण आय वृद्धि की बड़ी संभावना रखती है, परंतु कई चुनौतियाँ भी सामने हैं।

मुख्य बिंदु:

  • अनुकूल जलवायु और मिट्टी का अभाव कई हिस्सों में उत्पादन सीमित करता है।
  • उच्च प्रारंभिक लागत और तकनीकी ज्ञान की कमी से किसान हिचकते हैं।
  • सिंचाई की असमान उपलब्धता अंगूर उत्पादन को प्रभावित करती है।
  • कीट और रोग नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता है।
  • कोल्ड स्टोरेज और विपणन ढाँचे की कमी से नुकसान बढ़ता है।
  • सफल अंगूर खेती से फल प्रसंस्करण उद्योग (वाइन, जूस आदि) को बढ़ावा मिल सकता है।
  • यह रोजगार, निर्यात और ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहन देकर आर्थिक विकास में योगदान दे सकती है।

निष्कर्ष: यदि उचित नीतिगत सहयोग और तकनीकी प्रशिक्षण मिले, तो अंगूर की खेती उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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What are the benefits of commercialization of agriculture in Uttar Pradesh? [8 Marks] UPPCS Mains 2024 GS-6

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उत्तर प्रदेश में कृषि के व्यवसायीकरण के क्या लाभ हैं?

Ans:  परिचय:

 उत्तर प्रदेश में कृषि व्यावसायीकरण (Commercialization of Agriculture) का अर्थ है खेती को केवल जीविका का साधन न मानकर लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करना। इससे किसानों की आय बढ़ी है और कृषि क्षेत्र में तकनीकी व आर्थिक प्रगति हुई है।

मुख्य बिंदु:

  • कृषि उत्पादन में विविधता, जैसे – फल, सब्जी, दुग्ध और फूलों की खेती का विस्तार।
  • कृषि आधारित उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ी।
  • रोजगार के अवसर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़े।
  • आधुनिक तकनीक और सिंचाई साधनों का उपयोग बढ़ा।
  • निर्यातोन्मुख कृषि उत्पादों से विदेशी मुद्रा अर्जन हुआ।
  • किसानों की आय में वृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता आई।
  • कृषि विपणन, भंडारण व प्रसंस्करण का विकास हुआ।

निष्कर्ष: कृषि व्यावसायीकरण से उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादकता और किसानों की समृद्धि दोनों में वृद्धि हुई है। यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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Describe the geographical distribution and characteristics of main types of natural vegetation found in Uttar Pradesh. [8 Marks] UPPCS Mains 2024 GS-6

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उत्तर प्रदेश में पायी जाने वाली प्रमुख प्राकृतिक वनस्पतियों के भौगोलिक वितरण एवं विशेषताओं का वर्णन करें।

Ans: परिचय:

 उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक वनस्पतियाँ राज्य के जलवायु, वर्षा और स्थलाकृति पर निर्भर करती हैं। यहाँ की वनस्पतियाँ उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों से लेकर काँटेदार झाड़ियों तक विविध प्रकार की हैं, जो राज्य के पारिस्थितिक संतुलन में योगदान देती हैं।

मुख्य बिंदु:

  • राज्य का लगभग 6.5% क्षेत्र वनाच्छादित है।
  • तराई और पूर्वी यूपी में घने नमीदार साल, सागौन, शीशम जैसे वृक्ष पाए जाते हैं।
  • मध्य प्रदेश सीमा से लगे बुंदेलखंड क्षेत्र में काँटेदार झाड़ियाँ व बबूल प्रमुख हैं।
  • गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में कृषि प्रधान भूमि के कारण प्राकृतिक वन कम हैं।
  • सोनभद्र और मिर्जापुर के पहाड़ी क्षेत्रों में सूखे पर्णपाती वन मिलते हैं।
  • तराई क्षेत्र के दलदली वन में बांस, सरकंडा, और ताड़ प्रमुख हैं।
  • वनस्पतियाँ जैव विविधता, मृदा संरक्षण और जलवायु संतुलन में सहायक हैं।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश की वनस्पतियाँ राज्य की भौगोलिक विविधता का प्रतिबिंब हैं। इनके संरक्षण से पर्यावरणीय स्थिरता और सतत विकास सुनिश्चित होता है।

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Identify the Ramsar sites of Uttar Pradesh and describe their features. [8 Marks] UPPCS Mains 2024 GS

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उत्तर प्रदेश के रामसर स्थलों को चिह्नित कीजिये एवं उनकी विशेषताओं का वर्णन कीजिये।

Ans:  परिचय:

उत्तर प्रदेश में कई आर्द्रभूमि स्थल (Wetlands) हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय महत्व के कारण रामसर स्थल (Ramsar Sites) घोषित किया गया है। ये स्थल जैव विविधता, जल संरक्षण और प्रवासी पक्षियों के आवास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

मुख्य बिंदु:

  • राज्य में कुल 10 रामसर स्थल हैं जैसे— नवाबगंज, समासपुर, संडी, पार्वती अरण्य, बखिरा, सुरहा ताल, सैंथरी, सम्प्रस, हक्कार और संजय झील।
  • अधिकांश स्थल गंगा और घाघरा नदी तंत्र से जुड़े हैं।
  • यहाँ सारस, पेलिकन, साइबेरियन क्रेन जैसे दुर्लभ पक्षी पाए जाते हैं।
  • ये स्थल भू-जल पुनर्भरण और जलवायु संतुलन में सहायक हैं।
  • स्थानीय मछली पालन और पर्यटन को बढ़ावा देते हैं।
  • कुछ स्थल इको-टूरिज़्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।
  • प्रदूषण और अतिक्रमण इनके संरक्षण की मुख्य चुनौती हैं।

निष्कर्ष: रामसर स्थल उत्तर प्रदेश की पर्यावरणीय धरोहर हैं, जिनके संरक्षण से सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन को मजबूती मिलेगी।

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Critically analyse the extent to which infrastructural development in Uttar Pradesh has contributed to economic diversification and regional equity. [8 Marks] UPPCS Mains 2024 GS-6

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उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढाँचे के विकास ने आर्थिक विविधीकरण और क्षेत्रीय समानता में किस हद तक योगदान दिया है, इसका आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये।

Ans:  परिचय:

उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में सड़क, परिवहन, ऊर्जा और औद्योगिक गलियारे जैसे बुनियादी ढाँचे के तेज विकास ने राज्य की आर्थिक दिशा बदली है। इससे निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हुए हैं। परंतु इसका लाभ सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं पहुँचा है।

मुख्य बिंदु:

  • पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में विकास असमान रहा है।
  • एक्सप्रेसवे परियोजनाओं ने औद्योगिक क्षेत्रों को नई गति दी है।
  • विद्युत आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स सुधार से उद्योगों की उत्पादकता बढ़ी।
  • शहरी बुनियादी ढाँचा सशक्त हुआ, पर ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ापन है।
  • औद्योगिक गलियारे ने MSME और बड़े उद्योगों को जोड़ने का अवसर दिया।
  • डिजिटल और शिक्षा अवसंरचना ने सेवा क्षेत्र को गति दी।
  • फिर भी क्षेत्रीय असमानता और रोजगार असंतुलन अभी भी चुनौती बने हुए हैं।

निष्कर्ष: बुनियादी ढाँचे के विकास से यूपी में आर्थिक विविधीकरण बढ़ा है, पर समान क्षेत्रीय विकास के लिए संतुलित नीति की अब भी आवश्यकता है।

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What are the policies and programmes of the Government of Uttar Pradesh to promote MSMEs? [8 Marks] UPPCS Mains 2024 GS-6

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एम एस एम ई को बढ़ावा देने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियाँ तथा कार्यक्रम क्या हैं?

Ans:    परिचय:

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ अपनाई हैं। इनका उद्देश्य रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों का विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है।

मुख्य बिंदु:

  • MSME नीति 2022 से निवेश को आकर्षित कर उद्यम स्थापना को सरल बनाया गया।
  • एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना से पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान मिली।
  • समर्थ योजना के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोज़गार को बढ़ावा।
  • क्लस्टर विकास कार्यक्रम से MSME इकाइयों को सामूहिक तकनीकी सहायता।
  • आत्मनिर्भर रोजगार योजना से लघु उद्यमों को ऋण व पूंजी सहायता।
  • सिंगल विंडो पोर्टल से पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया सरल हुई।
  • औद्योगिक गलियारे MSME निवेश को नई दिशा दे रहे हैं।

निष्कर्ष: इन योजनाओं से उत्तर प्रदेश में उद्यमिता और रोजगार दोनों में वृद्धि हुई है। MSME अब राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार बन चुका है।

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