Home Blog Page 12

Discuss the role of ‘Smart City’ for better living conditions of the people of Uttar Pradesh. (Marks-8) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश में लोगों के बेहतर जीवन स्तर के लिए ‘स्मार्ट सिटी’ की भूमिका की विवेचना कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction) –

 उत्तर प्रदेश में बढ़ती शहरी जनसंख्या के साथ बेहतर जीवन स्तर और सुविधाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। इस दिशा में स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) ने आधुनिक तकनीक, सुशासन और सतत विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया है। इसका उद्देश्य शहरों को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा जैसे प्रमुख शहर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल हैं।
  • मिशन का लक्ष्य डिजिटल प्रशासन और ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाना है।
  • स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और सर्विलांस सिस्टम से सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में सुधार हुआ।
  • कचरा प्रबंधन, स्वच्छ जल और हरित क्षेत्र के विस्तार पर जोर दिया गया है।
  • स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स और सोलर एनर्जी से ऊर्जा दक्षता में वृद्धि हुई।
  • स्टार्टअप और आईटी हब को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
  • नागरिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए सिटीजन फीडबैक पोर्टल और मोबाइल ऐप्स लागू किए गए हैं।

निष्कर्ष (Conclusion) –

 स्मार्ट सिटी मिशन ने उत्तर प्रदेश के शहरों में शहरी जीवन को आधुनिक दिशा दी है। यदि इन परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा, तो यह नागरिकों के जीवन स्तर को स्थायी रूप से बेहतर बना सकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Discuss the role of ‘Inland Waterways Authority’ to boost the water transport and tourism in Uttar Pradesh. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश में जल परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा देने में ‘अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण’ की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction)

उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना और घाघरा जैसी नदियाँ जल परिवहन के लिए अत्यंत संभावनाशील हैं। इन नदियों के विकास हेतु अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI – Inland Waterways Authority of India) की स्थापना की गई। इसका उद्देश्य जलमार्गों को आर्थिक, पर्यावरणीय और पर्यटन दृष्टि से उपयोगी बनाना है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • IWAI की स्थापना 1986 में हुई, ताकि देश में अंतर्देशीय जल परिवहन को प्रोत्साहन मिले।
  • उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (हल्दिया से वाराणसी) प्रमुख परियोजना है।
  • इस जलमार्ग से माल परिवहन की लागत घटाने और व्यापार को बढ़ावा देने में मदद मिली।
  • वाराणसी मल्टीमॉडल टर्मिनल का निर्माण पर्यटन और व्यापार दोनों को सशक्त कर रहा है।
  • गंगा नदी पर क्रूज़ पर्यटन की शुरुआत से रोजगार और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी।
  • पर्यावरण अनुकूल परिवहन से प्रदूषण में कमी आई है।
  • IWAI राज्य सरकार के साथ मिलकर नदी तट विकास और घाट सुधार पर कार्य कर रहा है।

निष्कर्ष (Conclusion) – अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश में जल आधारित परिवहन और पर्यटन की नई संभावनाएँ खोली हैं। उचित रखरखाव और निवेश से यह राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Analyse the problems related to Non-Governmental Organisations (NGOs) in Uttar Pradesh. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश में गैर-सरकारी संगठनों से संबंधित समस्याओं का विश्लेषण कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction)

 ग़ैर-सरकारी संगठन (NGOs) उत्तर प्रदेश में सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परंतु इनके संचालन में कई व्यावहारिक और नीतिगत चुनौतियाँ सामने आती हैं, जो इनके प्रभाव को सीमित करती हैं।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से जनता का विश्वास कमजोर होता है।
  • कई एनजीओ केवल धन प्राप्ति के उद्देश्य से संचालित होते हैं।
  • सरकारी पंजीकरण और विनियमन प्रक्रिया जटिल और धीमी है।
  • वित्तीय संसाधनों की कमी और अनियमित फंडिंग से कार्य रुक जाते हैं।
  • राजनीतिक और नौकरशाही हस्तक्षेप इनकी स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी कार्यकुशलता घटाती है।
  • समान कार्य करने वाले संगठनों में समन्वय की कमी से दोहराव और अपव्यय होता है।

निष्कर्ष (Conclusion) – यदि पारदर्शिता, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग में सुधार किया जाए, तो एनजीओ राज्य के विकास में सशक्त भागीदार बन सकते हैं। प्रभावी निगरानी और समन्वय से इनकी कार्यक्षमता और सामाजिक योगदान बढ़ाया जा सकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

What are the key challenges in ensuring an efficient law and order situation in Uttar Pradesh? (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश में कुशल कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने में प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं ?

  1. उत्तर प्रदेश में कुशल कानून व्यावस्था सुनिश्चित करने में प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?                     8

Ans: परिचय (Introduction) –

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है, जहाँ कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। राज्य सरकार निरंतर सुधारों के प्रयास कर रही है, परन्तु अनेक सामाजिक, आर्थिक और संस्थागत समस्याएँ अब भी बनी हुई हैं।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • जनसंख्या घनत्व अधिक होने से अपराध नियंत्रण में कठिनाई होती है।
  • पुलिस बल की कमी और आधुनिक प्रशिक्षण का अभाव प्रभावी कार्रवाई में बाधक है।
  • भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप कानून प्रवर्तन की निष्पक्षता को प्रभावित करते हैं।
  • महिलाओं और दलितों के विरुद्ध अपराधों की बढ़ती घटनाएँ चिंता का विषय हैं।
  • साइबर अपराध और संगठित अपराध के नए रूप प्रशासन के लिए चुनौती बने हैं।
  • न्यायिक प्रक्रियाओं में विलंब से अपराधियों में भय की कमी रहती है।
  • अपर्याप्त निगरानी प्रणाली और तकनीकी संसाधनों की कमी भी प्रमुख समस्या है।

निष्कर्ष (Conclusion) –

कुशल कानून-व्यवस्था के लिए आधुनिक तकनीक, पारदर्शी प्रशासन और पुलिस-जन सहयोग आवश्यक है। इन सुधारों के माध्यम से ही उत्तर प्रदेश में सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना संभव है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Discuss the composition and jurisdiction of the State High Court of Uttar Pradesh. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश के राज्य उच्च न्यायालय के गठन व क्षेत्राधिकार की विवेचना कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction) –

उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय राज्य की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है, जो न्यायिक व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। इसका गठन ब्रिटिश काल में हुआ था, और आज यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा तथा न्याय प्रदान करने का प्रमुख केंद्र है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय की स्थापना 17 मार्च 1866 को इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुई।
  • प्रारंभ में यह नॉर्थ वेस्टर्न प्रोविंसेस हाईकोर्ट कहलाता था।
  • संविधान के अनुच्छेद 214 से 231 के तहत राज्य उच्च न्यायालय की संरचना और कार्य तय किए गए हैं।
  • इसका मुख्य पीठ प्रयागराज में तथा खण्डपीठ (Bench) लखनऊ में स्थित है।
  • इसका क्षेत्राधिकार पूरे उत्तर प्रदेश राज्य तक विस्तृत है।
  • न्यायालय को मूल, अपीलीय और लेखापरीक्षा (writ jurisdiction) प्राप्त है।
  • यह राज्य सरकार और उसके अधिकारियों के विरुद्ध न्यायिक पुनरावलोकन करने में सक्षम है।

निष्कर्ष (Conclusion) – उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय राज्य में न्याय, विधि और संविधान की रक्षा का प्रमुख स्तंभ है। इसका व्यापक क्षेत्राधिकार नागरिक अधिकारों और न्यायिक पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Distinguish between the Consolidated Fund and the Contingency Fund of the State of Uttar Pradesh. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश राज्य की संचित निधि एवं आकस्मिक निधि के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction) –

 उत्तर प्रदेश राज्य की वित्तीय व्यवस्था भारतीय संविधान के अनुच्छेदों के अनुसार संचालित होती है। इसमें संचित निधि (Consolidated Fund) और आकस्मिक निधि (Contingency Fund) दो प्रमुख राज्य निधियाँ हैं। दोनों का उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • संचित निधि राज्य की मुख्य निधि है, जिसमें सभी राजस्व, ऋण और प्राप्तियाँ जमा होती हैं।
  • इस निधि से सरकारी व्यय केवल विधानसभा की स्वीकृति से किया जा सकता है।
  • यह निधि राज्य की सामान्य बजटीय आवश्यकताओं के लिए उपयोग होती है।
  • आकस्मिक निधि आपातकालीन या तत्काल व्यय की स्थिति में प्रयोग की जाती है।
  • इसे राज्यपाल के अधीन रखा जाता है, जो तत्काल भुगतान की अनुमति दे सकते हैं।
  • बाद में यह राशि विधानसभा द्वारा अनुमोदित की जाती है।
  • संचित निधि स्थायी प्रकृति की होती है, जबकि आकस्मिक निधि अस्थायी पुनर्भरणीय निधि है।

निष्कर्ष (Conclusion) –

इस प्रकार, संचित निधि राज्य की नियमित वित्तीय गतिविधियों की आधारशिला है, जबकि आकस्मिक निधि आपात स्थितियों में त्वरित राहत प्रदान करने का साधन है। दोनों मिलकर राज्य की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करती हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Critically explain the efforts of the State Government towards strengthening the health infrastructure in Uttar Pradesh. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction) –

 उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य ढाँचा लंबे समय से असमान वितरण और संसाधनों की कमी से जूझता रहा है। राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। फिर भी, इन प्रयासों की प्रभावशीलता मिश्रित परिणाम दिखाती है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • मुख्यमंत्री आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा दी गई।
  • ई–संजय और टेलीमेडिसिन जैसी डिजिटल स्वास्थ्य पहलें ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ा रही हैं।
  • जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध कर विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार किया गया।
  • मिशन शक्ति और जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से मातृ–शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • कोविड–19 के दौरान ऑक्सीजन संयंत्र और ICU बेड जैसी संरचनाएँ विकसित की गईं।
  • ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और नर्सों की कमी अभी भी प्रमुख चुनौती है।
  • स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी के बावजूद व्यवस्थापन और निगरानी की कमी बनी हुई है।

निष्कर्ष (Conclusion) –

सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के संकेत मिलते हैं, परन्तु गुणवत्ता, मानव संसाधन और ग्रामीण पहुँच में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। सतत निवेश और पारदर्शी प्रबंधन ही स्वास्थ्य ढाँचे को सशक्त बना सकते हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

What was the policy of the British Government towards the Talukdars of Awadh after the revolution of 1857? Marks-8 UPPCS Mains 2024 GS-5

0

सन् 1857 की क्रांति के पश्चात् ब्रिटिश सरकार की अवध के तालुकादारों के प्रति क्या नीति थी ?      

Ans: परिचय (Introduction) –

सन् 1857 की क्रांति में अवध के तालुकादारों ने सक्रिय रूप से भाग लिया था, जिससे ब्रिटिश शासन को भारी चुनौती मिली। क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार ने अपने प्रशासनिक नियंत्रण को मज़बूत करने हेतु नई नीतियाँ अपनाईं। इन नीतियों का उद्देश्य तालुकादारों को शांत करना और उन्हें शासन का सहयोगी बनाना था।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • ब्रिटिशों ने आरंभिक दंडात्मक नीति छोड़कर समझौता नीति अपनाई।
  • कई तालुकादारों की जमींदारियाँ पुनः बहाल की गईं।
  • उन्हें राजस्व वसूली का अधिकार दिया गया ताकि वे शासन के प्रति निष्ठावान रहें।
  • भूमि सुधारों के माध्यम से किसानों पर नियंत्रण बनाए रखा गया।
  • तालुकादारों को स्थानीय प्रशासन में प्रमुख भूमिका दी गई।
  • अंग्रेजों ने उन्हें राजनीतिक रूप से आश्रित वर्ग बना दिया।
  • इस नीति से ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रिटिश प्रभुत्व सुदृढ़ हुआ।

निष्कर्ष (Conclusion) –

 क्रांति के बाद की नीति ने तालुकादारों को ब्रिटिश शासन का सहयोगी बना दिया। इससे अंग्रेजों ने अवध में स्थिरता तो पाई, पर किसानों का शोषण बढ़ता गया।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Write about the major republics located in Uttar Pradesh and their political system in the 6th century B.C. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

छठी शताब्दी ई.पू. में उत्तर प्रदेश में अवस्थित प्रमुख गणराज्यों एवं उनकी राजनीतिक व्यवस्था के बारे में लिखिए।

Ans:  परिचय (Introduction) –

 छठी शताब्दी ई.पू. भारत में राजनीतिक परिवर्तन का काल था, जब अनेक जनजातीय राज्यों का गठन हुआ। उत्तर प्रदेश इस समय कई गणराज्यों का केंद्र था, जहाँ जनता की भागीदारी आधारित शासन व्यवस्था विकसित हुई। ये गणराज्य राजतंत्र से भिन्न लोकतांत्रिक स्वरूप के प्रतीक थे।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • उत्तर प्रदेश में प्रमुख गणराज्य थे – वृज्जि, मल्ल, शाक्य, कोलिय, और कुरु।
  • वृज्जि संघ का केंद्र वैशाली था, जिसे सबसे संगठित गणराज्य माना जाता है।
  • प्रत्येक गणराज्य में सभा और समिति जैसी संस्थाएँ निर्णय लेने का कार्य करती थीं।
  • राजा या गणाध्यक्ष को जनता या कुल प्रमुखों द्वारा चुना जाता था।
  • शासन में लोकमत और सामूहिक निर्णय का महत्व था।
  • नीतियों का निर्धारण संसदनुमा परिषदों में होता था।
  • ये गणराज्य बाद में बौद्ध और जैन धर्म के प्रसार के केंद्र बने।

निष्कर्ष (Conclusion) –

 छठी शताब्दी ई.पू. के ये गणराज्य भारत में प्रारंभिक लोकतंत्र के उदाहरण थे। उत्तर प्रदेश इस राजनीतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा, जिसने भारतीय शासन परंपरा को नई दिशा दी।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Describe the cultural significance of ‘Prayagraj’ in ancient India.(8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

प्राचीन भारत में ‘प्रयागराज’ के सांस्कृतिक महत्त्व का वर्णन कीजिए।

Ans:  परिचय (Introduction)

प्रयागराज, जिसे प्राचीन काल में ‘प्रयाग’ कहा जाता था, भारतीय सभ्यता का एक अत्यंत प्राचीन एवं पवित्र नगर है। यह गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम पर स्थित है। वैदिक काल से ही यह धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • प्रयाग को तीर्थराज कहा गया है, अर्थात सभी तीर्थों का राजा।
  • यहाँ गंगा–यमुना–सरस्वती संगम होने से इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक है
  • ऋग्वेद और पुराणों में प्रयाग का उल्लेख मिलता है।
  • प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है।
  • अशोक स्तंभ तथा अकबर का किला यहाँ की ऐतिहासिक धरोहरें हैं।
  • गुप्तकाल में यह ज्ञान और विद्या का प्रमुख केंद्र था।
  • अनेक संतों, कवियों और राजाओं ने यहाँ आध्यात्मिक साधना की।

निष्कर्ष (Conclusion) – प्रयागराज न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक जीवंत धरोहर भी है। इसका महत्व आज भी उतना ही गहरा है जितना प्राचीन काल में था।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Popular Posts

My Favorites

Discuss India’s regional policy towards South-East Asia. [Marks-8] UPPCS Mains 2024...

0
दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रति भारत की क्षेत्रीय नीति की विवेचना कीजिए। Ans:  परिचय: भारत की दक्षिण–पूर्व एशिया नीति एशिया में शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग...