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What is the Skill Development Scheme under One District One Product Programme of the Government of Uttar Pradesh? [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-6

उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास योजना क्या है?

Ans: भूमिका (Introduction):

उत्तर प्रदेश सरकार का ‘एक जिला एक उत्पाद (One District One Product – ODOP)’ कार्यक्रम प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास योजना का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों की दक्षता बढ़ाना है। यह पहल रोजगार सृजन, आत्मनिर्भरता और उत्पाद गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • कौशल विकास योजना के तहत स्थानीय युवाओं और कारीगरों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाता है।
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) और पॉलिटेक्निक संस्थानों के सहयोग से आयोजित किए जाते हैं।
  • प्रतिभागियों को डिज़ाइन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और विपणन की विशेष जानकारी दी जाती है।
  • राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन (NSDM) और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के साथ समन्वय किया गया है।
  • प्रशिक्षण के बाद वित्तीय सहायता और बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
  • इससे उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता और निर्यात क्षमता में वृद्धि हुई है।
  • यह योजना स्थानीय परंपरा को संरक्षित करते हुए आधुनिक उद्योगों से सामंजस्य स्थापित करती है।

निष्कर्ष (Conclusion):

ODOP कार्यक्रम की कौशल विकास योजना ने उत्तर प्रदेश के कारीगरों को स्थानीय से वैश्विक मंच तक पहुँचाने में मदद की है। इससे राज्य में रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है।

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What are the key features and significance of the Lower Ganga Canal System in Uttar Pradesh? [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-6

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उत्तर प्रदेश में निचली गंगा नहर प्रणाली की मुख्य विशेषताएं और महत्व क्या हैं?

Ans: भूमिका (Introduction):

निचली गंगा नहर प्रणाली (Lower Ganga Canal System) उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं में से एक है। यह प्रणाली गंगा नदी से जल लेकर पश्चिमी व मध्य उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्रों को सिंचित करती है। इसका निर्माण ब्रिटिश काल में 1854 ई. में किया गया था, जिससे कृषि उत्पादन में क्रांतिकारी परिवर्तन आया।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • निचली गंगा नहर की शुरुआत नारौरा बैराज (Bulandshahr) से होती है।
  • यह नहर मुख्यतः अलीगढ़, एटा, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, और हरदोई जिलों को सिंचित करती है।
  • नहर प्रणाली में मुख्य नहर, शाखाएँ और उप-नहरें शामिल हैं जो लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देती हैं।
  • यह क्षेत्र में धान, गेहूँ, गन्ना और दलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देती है।
  • नहर प्रणाली से भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) में भी सहायता मिलती है।
  • इसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाकर कृषि आधारित उद्योगों के विकास को गति दी।
  • निचली गंगा नहर प्रणाली बाढ़ नियंत्रण और जल संतुलन में भी अहम भूमिका निभाती है।

निष्कर्ष (Conclusion):

निचली गंगा नहर प्रणाली ने उत्तर प्रदेश के कृषि विकास में जल संसाधन प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।इससे प्रदेश की सिंचाई क्षमता और किसानों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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What are the key features of the Uttar Pradesh Defence Industrial Corridor? [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-6

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उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

Ans:  भूमिका (Introduction):

उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर (Defence Industrial Corridor) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसका उद्देश्य राज्य को रक्षा निर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाना है। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देता है।

मुख्य बिंदु (7 Important Points):

  • यह कॉरिडोर छह नोड्स में फैला है — अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर और लखनऊ।
  • इसका उद्देश्य रक्षा उपकरणों के निर्माण, अनुसंधान और निर्यात को प्रोत्साहित करना है।
  • परियोजना में लगभग ₹20,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है।
  • भारतीय सेना, DRDO (Defence Research and Development Organisation) व निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
  • एमएसएमई (MSME) और स्टार्टअप इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन व भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।
  • इससे रोजगार सृजन, तकनीकी नवाचार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
  • कॉरिडोर से भारत की रक्षा आयात निर्भरता में कमी और निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रहा है।

यह परियोजना राज्य को उद्योग, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

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How does the Uttar Pradesh Agriculture Export Policy – 2019 strengthens the agricultural export activities in the State? [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-6

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उत्तर प्रदेश की कृषि निर्यात नीति – 2019, राज्य में कृषि निर्यात गतिविधियों को कैसे मजबूती प्रदान करती है?

Ans: भूमिका (Introduction):

उत्तर प्रदेश की कृषि निर्यात नीति 2019 का उद्देश्य राज्य को कृषि निर्यात हब के रूप में विकसित करना है। यह नीति किसानों की आमदनी बढ़ाने, मूल्य संवर्धन करने और वैश्विक बाजार से जोड़ने पर केंद्रित है। इससे कृषि क्षेत्र में रोजगार, निवेश और तकनीकी नवाचार को भी प्रोत्साहन मिला है।

मुख्य बिंदु (7 Important Points):

  • कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा दिया गया।
  • राज्य में एग्री-एक्सपोर्ट जोन (AEZ) की स्थापना से क्षेत्रीय विशेष उत्पादों को पहचान मिली।
  • वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना से निर्यात योग्य उत्पादों का चयन और प्रमोशन हुआ।
  • लॉजिस्टिक हब, कोल्ड स्टोरेज व ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया।
  • निर्यातकों को प्रशिक्षण, प्रमाणन और गुणवत्ता नियंत्रण में सहायता प्रदान की गई।
  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म व डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से वैश्विक खरीदारों तक पहुंच आसान हुई।
  • नीति ने कृषि आधारित स्टार्टअप्स और निजी निवेश को आकर्षित किया।

निष्कर्ष (Conclusion):

कृषि निर्यात नीति 2019 ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर कृषि निर्यात में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा दी है। इससे किसानों की आय में वृद्धि और राज्य की अर्थव्यवस्था को नया बल मिला है।

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Discuss the characteristics, causes and effects of Tsunami with example. [Marks-12] UPPCS Mains 2024 GS-1

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सुनामी की विशेषताओं, कारणों एवं प्रभावों का सोदाहरण विवेचन प्रस्तुत कीजिए ।

Ans: प्रस्तावना:

सुनामी समुद्र की गहराइयों में उत्पन्न होने वाली तीव्र ऊर्जा का परिणाम होती है, जो विशाल तरंगों के रूप में तटों की ओर बढ़ती है। यह प्राकृतिक आपदा अचानक और व्यापक विनाश करने की क्षमता रखती है। इसके कारण और प्रभाव भौगोलिक, भूवैज्ञानिक तथा मानवीय पहलुओं से गहराई से जुड़े होते हैं।

मुख्य बिंदु (Important Points) :

  • समुद्र तल में अचानक ऊर्जा विस्फोट—जैसे भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट, भू-स्खलन आदि—सुनामी का प्रमुख कारण होता है।
  • अधिकांश सुनामी समुद्र के नीचे आने वाले टेक्टॉनिक भूकंपों से उत्पन्न होती हैं।
  • समुद्र में उठने वाली तरंगों की गति 700–800 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है।
  • गहरे समुद्र में तरंगों की ऊँचाई कम होती है, जिससे वे दिखाई नहीं देतीं।
  • तटीय क्षेत्रों के पास पहुँचने पर जल की गहराई कम होने से तरंगों की ऊँचाई अचानक कई मीटर तक बढ़ जाती है।
  • सुनामी की तरंगें एकल नहीं होतीं; वे कई तरंगों की श्रृंखला के रूप में आती हैं।
  • सुनामी तट पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर जन-हानि और संपत्ति क्षति का कारण बनती है।
  • तटीय पारिस्थितिकी तंत्र—जैसे मैंग्रोव, कोरल रीफ और समुद्री जैव विविधता—पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।
  • पेयजल स्रोतों में खारे पानी के मिल जाने से जल-उपलब्धता पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।
  • सड़क, बंदरगाह, पुल, विद्युत और संचार जैसी आधारभूत संरचनाएँ व्यापक रूप से नष्ट हो जाती हैं।
  • सुनामी के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ—जैसे पानी से फैलने वाली बीमारियाँ—बढ़ने का खतरा रहता है।
  • प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, तटीय सुरक्षा संरचनाएँ और सामुदायिक जागरूकता से इसके प्रभावों को कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष : सुनामी एक जटिल प्राकृतिक घटना है जिसका प्रभाव मानव जीवन, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर गहरा पड़ता है। समुचित तैयारी, वैज्ञानिक समझ और चेतावनी तंत्र ही इसके विनाशकारी प्रभावों को न्यूनतम कर सकते हैं।

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Biodiversity conservation of forest and water bodies in India is essential to maintain ecological balance. Elucidate in detail. [Marks-12] UPPCS Mains 2024 GS-1

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भारत में वनों एवं जल स्रोतों के जैविक विविधता का संरक्षण पारिस्थितिक सन्तुलन बनाये रखने के लिए आवश्यक है । विस्तार से स्पष्ट कीजिए ।

Ans: भूमिका (Introduction):

भारत अपनी भौगोलिक स्थिति और जलवायु विविधता के कारण विश्व के जैव विविधता (Biodiversity) हॉटस्पॉट्स में से एक है। यहाँ के वन और जल स्रोत अनेक प्रकार के जीव-जंतुओं और वनस्पतियों का घर हैं। इनका संरक्षण न केवल प्रकृति के लिए, बल्कि पारिस्थितिक सन्तुलन (Ecological Balance) बनाये रखने के लिए भी अत्यावश्यक है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • वनों की जैविक विविधता का महत्व:
  • ऑक्सीन उत्पादन और कार्बन अवशोषण: वन वातावरण में ऑक्सीजन बढ़ाते औरकार्बन डाइऑक्साइड को नियंत्रित करते हैं।
  • मृदा संरक्षण: वृक्षों की जड़ें मिट्टी के कटाव को रोककर भूमि की उर्वरता बनाए रखती हैं।
  • जल चक्र का संतुलन: वन वर्षा को आकर्षित करते और भूजल स्तर को बनाए रखते हैं।
  • वन्यजीवों का आवास: जैविक विविधता से युक्त वन अनेक जीव प्रजातियों के अस्तित्व को सुरक्षित रखते हैं।
  • औषधीय पौधों का स्रोत: अनेक औषधियाँ वनों से प्राप्त वनस्पतियों पर आधारित होती हैं।
  • जलवायु नियंत्रण: वन तापमान और नमी को नियंत्रित कर जलवायु को संतुलित रखते हैं।
  • जल स्रोतों की जैव विविधता का महत्व:
  • जलचर जीवन का संरक्षण: नदियाँ, झीलें और समुद्र अनेक मछलियों, शैवालों और सूक्ष्म जीवों का घर हैं।
  • प्राकृतिक शुद्धिकरण प्रणाली: जल स्रोत प्रदूषकों को फ़िल्टर कर जल की गुणवत्ता बनाए रखते हैं।
  • खाद्य सुरक्षा: मत्स्य पालन से पोषण और आजीविका दोनों को बल मिलता है।
  • पर्यावरणीय स्थिरता: जल निकाय सूखे और बाढ़ के प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं।
  • पारिस्थितिक अन्तर्सम्बन्ध: वन और जल स्रोत मिलकर सम्पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखते हैं।
  • मानव जीवन पर प्रभाव: जैविक विविधता का ह्रास मानव स्वास्थ्य, कृषि और जलवायु पर प्रतिकूल असर डालता है।

निष्कर्ष (Conclusion) – अनिवार्य है। यदि हम इन प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा करें, तो सतत विकास और मानव अस्तित्व दोनों सुरक्षित रहेंगे।

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Throw light on the concept of smart village in India and describe the main features of smart village. [Marks-12] UPPCS Mains 2024 GS-1

भारत में स्मार्ट ग्राम की अवधारणा पर प्रकाश डालिए तथा स्मार्ट ग्राम की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।

Ans: भूमिका (Introduction):

भारत में स्मार्ट सिटी (Smart City) की अवधारणा आधुनिक तकनीक, सुशासन और सतत विकास पर आधारित है। इसका उद्देश्य शहरी जीवन को अधिक सुविधाजनक, स्वच्छ, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। इसी सोच का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्मार्ट ग्राम (Smart Village) के रूप में किया गया है, ताकि विकास का लाभ गाँवों तक पहुँचे।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • स्मार्ट सिटी की अवधारणा:
  • आरम्भ: 2015 में भारत सरकार ने Smart Cities Mission की शुरुआत की।
  • उद्देश्य: आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।
  • ई-गवर्नेंस: डिजिटल तकनीक से पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन।
  • स्मार्ट ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट: सेंसर आधारित ट्रैफिक प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन का डिजिटलीकरण।
  • सतत ऊर्जा उपयोग: सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और हरित भवनों का प्रोत्साहन।
  • कचरा प्रबंधन और स्वच्छता: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था।
  • स्मार्ट ग्राम की प्रमुख विशेषताएँ:
  • डिजिटल कनेक्टिविटी: इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं से जुड़ा सशक्त ग्रामीण नेटवर्क।
  • ई-शिक्षा और ई-स्वास्थ्य: ऑनलाइन शिक्षा और टेलीमेडिसिन सेवाओं की सुविधा।
  • सौर ऊर्जा और हरित तकनीक: पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोतों का उपयोग।
  • स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता: सुरक्षित जल और शौचालय की सार्वभौमिक उपलब्धता।
  • सामुदायिक सहभागिता: ग्राम स्तर पर निर्णय-निर्माण में जनता की सक्रिय भागीदारी।
  • आर्थिक सशक्तिकरण: कृषि में तकनीकी सुधार, लघु उद्योगों और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा।

निष्कर्ष (Conclusion):

स्मार्ट सिटी और स्मार्ट ग्राम की अवधारणा भारत को समावेशी और तकनीकी रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में कदम है। जब शहरों और गाँवों दोनों में समान रूप से आधुनिक सुविधाएँ विकसित होंगी, तभी समग्र विकास और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य पूरा होगा।

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‘Population explosion is a serious challenge to India’s holistic development.’ – Examine the statement. [Marks-12] UPPCS Mains 2024 GS-1

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‘जनसंख्या विस्फोट भारत के सम्यक विकास में एक गम्भीर चुनौती है ।’ – कथन की समीक्षा कीजिए ।

Ans: भूमिका (Introduction):

भारत विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाले देशों में से एक है। तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या ने देश के संसाधनों, रोजगार और विकास नीतियों पर भारी दबाव डाला है। यही कारण है कि जनसंख्या विस्फोट (Population Explosion) भारत के सम्यक एवं सतत विकास के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • जनसंख्या विस्फोट के कारण:
  • जन्म दर अधिक होना: शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण जनसंख्या नियंत्रण प्रभावी नहीं हो पाया।
  • मृत्यु दर में कमी: चिकित्सा सुविधाओं और स्वच्छता में सुधार से मृत्यु दर घटी, पर जन्म दर नहीं घटी।
  • गरीबी और अशिक्षा: गरीब परिवार अधिक बच्चों को आर्थिक सहारा मानते हैं।
  • बाल विवाह और सामाजिक परम्पराएँ: जल्दी विवाह से प्रजनन दर बढ़ जाती है।
  • परिवार नियोजन की असफलता: ग्रामीण और अशिक्षित वर्गों में परिवार नियोजन की स्वीकृति कम है।
  • जनसंख्या विस्फोट के परिणाम:
  • बेरोजगारी में वृद्धि: सीमित रोजगार अवसरों के कारण युवा वर्ग में असंतोष बढ़ता है।
  • संसाधनों पर दबाव: भूमि, जल, ऊर्जा और खाद्य संसाधनों की कमी उत्पन्न होती है।
  • गरीबी और असमानता: जनसंख्या बढ़ने से प्रति व्यक्ति आय घटती है और असमानता बढ़ती है।
  • शहरी भीड़भाड़: महानगरों में झुग्गियाँ, प्रदूषण और यातायात की समस्या बढ़ती है।
  • शिक्षा व स्वास्थ्य पर बोझ: सरकारी संसाधन सभी तक गुणवत्तापूर्ण सेवा नहीं पहुँचा पाते।
  • पर्यावरणीय संकट: वनों की कटाई, भूमि ह्रास और प्रदूषण जैसी समस्याएँ गहरी होती हैं।
  • विकास योजनाओं में बाधा: जनसंख्या की तेज़ वृद्धि से योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाता।

निष्कर्ष (Conclusion):

इस प्रकार जनसंख्या विस्फोट भारत के संतुलित और समावेशी विकास के मार्ग में सबसे बड़ी चुनौती है। इसके समाधान के लिए शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, और जनसंख्या नियंत्रण नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।

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How is the growing regionalism in India affecting the economy and polity? Explain. [Marks-12] UPPCS Mains 2024 GS-1

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भारत में बढ़ता हुआ क्षेत्रवाद किस प्रकार से अर्थव्यवस्था तथा राज्यव्यवस्था को प्रभावित कर रही है ? स्पष्ट कीजिए ।

Ans: भूमिका (Introduction ):

भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में क्षेत्रवाद (Regionalism) स्वाभाविक रूप से उभरने वाली प्रवृत्ति है। यह क्षेत्रीय पहचान, भाषा, संस्कृति या आर्थिक असमानता के कारण पैदा होता है। परंतु जब यह अति रूप ले लेता है, तो यह देश की अर्थव्यवस्था और राज्यव्यवस्था दोनों को प्रभावित करता है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • क्षेत्रवाद के अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:
  • विकास में असंतुलन: क्षेत्रीय असंतोष से निवेश और औद्योगिक विकास प्रभावित होता है।
  • निवेश में कमी: अशांति और अस्थिरता के कारण निजी व विदेशी निवेशक पीछे हटते हैं।
  • संसाधनों का अनुचित वितरण: क्षेत्रीय दबाव समूह विकास निधियों के असमान बँटवारे की माँग करते हैं।
  • आर्थिक प्रतिस्पर्धा: राज्य आपसी प्रतिस्पर्धा में सहयोग की भावना खो देते हैं।
  • राजकोषीय दबाव: क्षेत्रीय मांगों को पूरा करने हेतु सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ता है।
  • श्रमिक प्रवास पर असर: क्षेत्रीय भेदभाव से आंतरिक प्रवासन और श्रम बाज़ार में अस्थिरता आती है।
  • क्षेत्रवाद के राज्यव्यवस्था पर प्रभाव:
  • राष्ट्रीय एकता पर खतरा: क्षेत्रीय निष्ठा राष्ट्रीय एकता से बड़ी बन जाती है।
  • संघीय ढाँचे पर दबाव: राज्यों के बीच विवाद (जैसे जल बँटवारा, सीमा विवाद) बढ़ते हैं।
  • राजनीतिक दलों का विखंडन: क्षेत्रीय दलों के उदय से राष्ट्रीय नीतियों में असंतुलन आता है।
  • लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रभाव: क्षेत्रीय भावनाओं पर आधारित राजनीति विकास से ध्यान हटाती है।
  • नीतिगत अस्थिरता: केंद्र व राज्यों के बीच सहयोग की कमी नीति निर्माण को प्रभावित करती है।
  • सामाजिक तनाव: भाषाई, सांस्कृतिक और जातीय आधार पर समाज में विभाजन बढ़ता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

भारत में क्षेत्रवाद को केवल दमन से नहीं, बल्कि समान विकास, संवैधानिक संतुलन और संवाद से नियंत्रित किया जा सकता है। जब सभी क्षेत्र समान अवसर पाएँगे, तभी राष्ट्रीय एकता और स्थिरता सशक्त बनेगी।

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Discuss the causes and consequences of poverty. [Marks-12] UPPCS Mains 2024 GS-1

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गरीबी के कारणों और परिणामों की चर्चा कीजिए ।

Ans: भूमिका (Introduction):

गरीबी किसी भी देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। भारत जैसे विकासशील देश में यह समस्या ऐतिहासिक, आर्थिक और संरचनात्मक कारणों से जुड़ी है। गरीबी न केवल आर्थिक अभाव बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में अवसरों की असमानता को भी दर्शाती है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • गरीबी के प्रमुख कारण:
  • जनसंख्या वृद्धि: तेजी से बढ़ती जनसंख्या संसाधनों पर दबाव बढ़ाती है।
  • बेरोजगारी: रोजगार के अवसरों की कमी से आय घटती है और गरीबी बढ़ती है।
  • असमान आय वितरण: अमीर और गरीब के बीच आर्थिक खाई लगातार बढ़ रही है।
  • शिक्षा की कमी: अशिक्षा से लोग बेहतर रोजगार और आय के अवसर नहीं पा पाते।
  • कृषि पर निर्भरता: अस्थिर कृषि व्यवस्था और कम उत्पादकता ग्रामीण गरीबी का मुख्य कारण है।
  • औद्योगिक पिछड़ापन: सीमित औद्योगिक विकास से शहरी गरीबों की संख्या बढ़ी है।
  • गरीबी के परिणाम:
  • स्वास्थ्य पर प्रभाव: कुपोषण, बीमारियाँ और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी बढ़ जाती है।
  • शिक्षा से वंचित रहना: गरीब परिवार अपने बच्चों को उचित शिक्षा नहीं दिला पाते।
  • सामाजिक असमानता: गरीबी सामाजिक वर्गों में दूरी और भेदभाव को जन्म देती है।
  • अपराध और असुरक्षा: आर्थिक अभाव अपराध दर और अस्थिरता को बढ़ाता है।
  • राष्ट्रीय विकास में बाधा: गरीबी उत्पादकता और मानव संसाधन विकास को सीमित करती है।
  • राजनीतिक अस्थिरता: असमानता और असंतोष लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव डालते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

गरीबी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानव विकास की चुनौती है। इसके समाधान हेतु शिक्षा, रोजगार, समान अवसर और सामाजिक न्याय पर आधारित समग्र नीति आवश्यक है।

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