छठी शताब्दी ई.पू. में उत्तर प्रदेश में अवस्थित प्रमुख गणराज्यों एवं उनकी राजनीतिक व्यवस्था के बारे में लिखिए।

Ans:  परिचय (Introduction) –

 छठी शताब्दी ई.पू. भारत में राजनीतिक परिवर्तन का काल था, जब अनेक जनजातीय राज्यों का गठन हुआ। उत्तर प्रदेश इस समय कई गणराज्यों का केंद्र था, जहाँ जनता की भागीदारी आधारित शासन व्यवस्था विकसित हुई। ये गणराज्य राजतंत्र से भिन्न लोकतांत्रिक स्वरूप के प्रतीक थे।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • उत्तर प्रदेश में प्रमुख गणराज्य थे – वृज्जि, मल्ल, शाक्य, कोलिय, और कुरु।
  • वृज्जि संघ का केंद्र वैशाली था, जिसे सबसे संगठित गणराज्य माना जाता है।
  • प्रत्येक गणराज्य में सभा और समिति जैसी संस्थाएँ निर्णय लेने का कार्य करती थीं।
  • राजा या गणाध्यक्ष को जनता या कुल प्रमुखों द्वारा चुना जाता था।
  • शासन में लोकमत और सामूहिक निर्णय का महत्व था।
  • नीतियों का निर्धारण संसदनुमा परिषदों में होता था।
  • ये गणराज्य बाद में बौद्ध और जैन धर्म के प्रसार के केंद्र बने।

निष्कर्ष (Conclusion) –

 छठी शताब्दी ई.पू. के ये गणराज्य भारत में प्रारंभिक लोकतंत्र के उदाहरण थे। उत्तर प्रदेश इस राजनीतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा, जिसने भारतीय शासन परंपरा को नई दिशा दी।

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