उत्तर प्रदेश राज्य की संचित निधि एवं आकस्मिक निधि के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
Ans: परिचय (Introduction) –
उत्तर प्रदेश राज्य की वित्तीय व्यवस्था भारतीय संविधान के अनुच्छेदों के अनुसार संचालित होती है। इसमें संचित निधि (Consolidated Fund) और आकस्मिक निधि (Contingency Fund) दो प्रमुख राज्य निधियाँ हैं। दोनों का उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है।
मुख्य बिंदु (Important Points) –
- संचित निधि राज्य की मुख्य निधि है, जिसमें सभी राजस्व, ऋण और प्राप्तियाँ जमा होती हैं।
- इस निधि से सरकारी व्यय केवल विधानसभा की स्वीकृति से किया जा सकता है।
- यह निधि राज्य की सामान्य बजटीय आवश्यकताओं के लिए उपयोग होती है।
- आकस्मिक निधि आपातकालीन या तत्काल व्यय की स्थिति में प्रयोग की जाती है।
- इसे राज्यपाल के अधीन रखा जाता है, जो तत्काल भुगतान की अनुमति दे सकते हैं।
- बाद में यह राशि विधानसभा द्वारा अनुमोदित की जाती है।
- संचित निधि स्थायी प्रकृति की होती है, जबकि आकस्मिक निधि अस्थायी पुनर्भरणीय निधि है।
निष्कर्ष (Conclusion) –
इस प्रकार, संचित निधि राज्य की नियमित वित्तीय गतिविधियों की आधारशिला है, जबकि आकस्मिक निधि आपात स्थितियों में त्वरित राहत प्रदान करने का साधन है। दोनों मिलकर राज्य की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करती हैं।
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