उत्तर प्रदेश को भौगोलिक प्रदेशों में विभक्त कीजिए और इनके भौगोलिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व को समझाइये ।

Ans: परिचय (Introduction):

उत्तर प्रदेश भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विविध राज्य है। इसकी स्थलाकृति, जलवायु और मिट्टी की भिन्नता के आधार पर इसे चार प्रमुख भौगोलिक प्रदेशों में बाँटा गया है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • तराई एवं भावर प्रदेश:
  • स्थान: नेपाल सीमा के समानांतर फैला क्षेत्र।
  • भौगोलिक महत्त्व: जलोढ़ मिट्टी, घने वन और नमी युक्त जलवायु।
  • आर्थिक महत्त्व: धान, गन्ना उत्पादन और पशुपालन के लिए उपयुक्त।
  • सांस्कृतिक महत्त्व: थारू व स्थानीय जनजातीय संस्कृति प्रमुख।
  • गंगा–यमुना दोआब:
  • भौगोलिक महत्त्व: समतल मैदान और उपजाऊ मिट्टी।
  • आर्थिक महत्त्व: गन्ना, गेहूँ उत्पादन तथा कानपुर, मेरठ जैसे औद्योगिक नगर।
  • सांस्कृतिक महत्त्व: प्रयागराज धार्मिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध।
  • अवध–बुंदेलखंड पठार:
  • भौगोलिक महत्त्व: मिश्रित भू-आकृतियाँ और मध्यम उपजाऊ मिट्टी।
  • आर्थिक महत्त्व: कृषि, हस्तशिल्प व खनन।
  • सांस्कृतिक महत्त्व: अवध की नवाबी संस्कृति और बुंदेलखंड की लोक परंपराएँ।
  • विंध्य प्रदेश:
  • भौगोलिक महत्त्व: पहाड़ी व वनाच्छादित क्षेत्र (सोनभद्र, मिर्जापुर)।
  • आर्थिक महत्त्व: कोयला, चूना पत्थर जैसे खनिजों से समृद्ध।
  • सांस्कृतिक महत्त्व: मंदिर, लोकनृत्य और जनजातीय जीवन।

निष्कर्ष (Conclusion): ये चारों प्रदेश उत्तर प्रदेश की भौगोलिक विविधता, आर्थिक आधार और सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं।

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