भारतीय समाज अपनी विशिष्टता और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है । चर्चा कीजिए ।

Ans: भूमिका (Introduction):

भारतीय समाज विश्व के सबसे प्राचीन और विविधतापूर्ण समाजों में से एक है। यहाँ अनेक धर्म, भाषाएँ, जातियाँ और परम्पराएँ एक साथ पनपी हैं। यह विविधता भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशिष्टता और शक्ति मानी जाती है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • धार्मिक विविधता: भारत में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन आदि अनेक धर्म शान्तिपूर्वक सह-अस्तित्व में हैं।
  • भाषाई विविधता: संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ और सैकड़ों बोलियाँ मान्यता प्राप्त हैं।
  • सांस्कृतिक समन्वय: आर्य, द्रविड़, मुगल और यूरोपीय प्रभावों से भारतीय संस्कृति में अद्भुत मिश्रण हुआ है।
  • भौगोलिक विविधता: हिमालय से लेकर समुद्र तक विभिन्न जलवायु और जीवनशैली ने क्षेत्रीय संस्कृतियों को जन्म दिया।
  • सामाजिक संगठन: जाति, वर्ग और पेशों के आधार पर बना समाज समय के साथ बदलता और विकसित होता रहा।
  • परिवार प्रणाली: संयुक्त परिवार भारतीय समाज की पहचान है, जहाँ सामूहिकता और सहयोग को महत्व दिया जाता है।
  • त्योहारों की बहुलता: दीवाली, ईद, होली, पोंगल, बिहू आदि उत्सव राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हैं।
  • पहनावा और खान-पान की विविधता: प्रत्येक क्षेत्र का वस्त्र, भोजन और रहन-सहन अलग होते हुए भी भारतीयता से जुड़ा है।
  • कला और संगीत: भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी जैसे नृत्य रूप और शास्त्रीय संगीत परंपराएँ विविधता की पहचान हैं।
  • लोक परम्पराएँ: लोकगीत, लोककथाएँ और लोकनृत्य ग्रामीण भारत की आत्मा हैं।
  • सामाजिक सहिष्णुता: विविधताओं के बावजूद आपसी सम्मान और सहअस्तित्व भारतीय समाज की सबसे बड़ी विशेषता है।
  • एकता में विविधता: यही भारतीय संस्कृति की मूल भावना है, जिसने देश को सदियों से एक सूत्र में बाँधे रखा है।

निष्कर्ष (Conclusion):

इस प्रकार भारतीय समाज अपनी विविधता, सहिष्णुता और समन्वय के कारण अद्वितीय है। यही विशेषताएँ भारत को “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना का जीवंत उदाहरण बनाती हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.