उत्तर प्रदेश में भूजल के उपयोग से जुड़ी प्रमुख समस्याओं एवं चुनौतियों का उल्लेख करें।
Ans: भूमिका (Introduction):
उत्तर प्रदेश में भूजल (Groundwater) सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक उपयोग का प्रमुख स्रोत है। राज्य की लगभग 70% आबादी अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भूजल पर निर्भर है। लेकिन इसके अत्यधिक दोहन से भूजल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
मुख्य बिंदु (7 Important Points):
- अत्यधिक दोहन (Over-extraction): सिंचाई और शहरी उपयोग के कारण भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है।
- वर्षा जल का अपर्याप्त पुनर्भरण: वर्षा जल संचयन की कमी से प्राकृतिक पुनर्भरण (Recharge) प्रभावित हुआ है।
- भूजल प्रदूषण: औद्योगिक अपशिष्ट, रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक से आर्सेनिक व फ्लोराइड प्रदूषण बढ़ा है।
- शहरीकरण और कंक्रीटीकरण: भूमि की जल अवशोषण क्षमता घटने से जलस्तर गिरा है।
- सिंचाई में असंतुलन: नलकूप आधारित सिंचाई ने नदियों व तालाबों की भूमिका कम कर दी है।
- नीति और जनजागरूकता की कमी: जल संरक्षण उपायों के प्रति लोगों में जागरूकता सीमित है।
- क्षेत्रीय असमानता: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक दोहन जबकि पूर्वी भागों में पुनर्भरण की बेहतर स्थिति है।
निष्कर्ष (Conclusion): भूजल संकट उत्तर प्रदेश के कृषि, उद्योग और जीवन-निर्वाह के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। इसके समाधान हेतु वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण और जनभागीदारी को सशक्त बनाना आवश्यक है।
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