राज्य में सामाजिक-वानिकी को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई प्रमुख पहल और रणनीतियाँ क्या हैं?

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

सामाजिक-वानिकी (Social Forestry) का उद्देश्य वनों के बाहर वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और ग्रामीण समुदायों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में सामाजिक-वानिकी को जन आंदोलन का रूप देने के लिए कई नवाचारी पहलें की हैं। इन पहलों का लक्ष्य हरित आवरण (Green Cover) बढ़ाना, जलवायु संतुलन बनाए रखना और ग्रामीण आय में वृद्धि करना है।

मुख्य बिंदु:

  • वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत हर वर्ष करोड़ों पौधों का सामूहिक रोपण अभियान चलाया जाता है।
  • ‘एक पेड़ – मातृभूमि के नाम’ अभियान से आम जनता को वृक्षारोपण से जोड़ने की पहल।
  • नदी, तालाब और नहर किनारों पर सामाजिक-वानिकी योजना के अंतर्गत पौधारोपण को बढ़ावा।
  • प्रधानमंत्री हरित भारत मिशन व राष्ट्रीय हरित आवरण योजना से समन्वय स्थापित किया गया।
  • पंचायती भूमि, स्कूल और ग्राम समाज की भूमि पर पौधरोपण को संस्थागत रूप से बढ़ावा।
  • ‘मिशन वृक्षारोपण 2023’ के तहत 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया।
  • कृषि वानिकी (Agro-Forestry) को प्रोत्साहित करने हेतु किसानों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण।
  • औषधीय एवं फलदार पौधों के रोपण से पर्यावरण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया गया।
  • कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत निजी क्षेत्र को वृक्षारोपण से जोड़ा गया।
  • नर्सरी विकास कार्यक्रमों के माध्यम से पौधों की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
  • डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से लगाए गए पौधों के सर्वेक्षण और निगरानी की व्यवस्था।
  • ‘हर घर पौधा’ अभियान के जरिये नागरिकों को व्यक्तिगत रूप से हरियाली अभियान से जोड़ने की रणनीति।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश की सामाजिक-वानिकी पहलें पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास दोनों को साथ लेकर चल रही हैं। इन रणनीतियों से राज्य में हरित आवरण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.