उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत विकास योजना (जी.पी.डी.पी.) के निर्माण के प्रमुख चरणों का वर्णन कीजिए ।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

ग्राम पंचायत विकास योजना (Gram Panchayat Development Plan – GPDP) ग्रामीण विकास का एक सहभागी एवं विकेन्द्रीकृत मॉडल है। यह योजना संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की भावना पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की योजना बनाना है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

(1) स्थिति विश्लेषण (Situation Analysis): ग्राम की सामाजिक, आर्थिक और भौतिक स्थिति का सर्वेक्षण किया जाता है।

(2) ग्राम सभा का आयोजन: ग्रामवासियों की भागीदारी से प्राथमिक आवश्यकताओं और समस्याओं की पहचान की जाती है।

(3) संसाधनों का आकलन: स्थानीय, राज्य और केंद्र स्तर पर उपलब्ध वित्तीय व भौतिक संसाधनों का निर्धारण किया जाता है।

(4) प्राथमिकता निर्धारण: ग्रामसभा द्वारा समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रमबद्ध किया जाता है।

(5) योजना निर्माण: प्रत्येक क्षेत्र (शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, स्वच्छता, कृषि आदि) के लिए ठोस योजनाएँ बनाई जाती हैं।

(6) अनुमोदन और समन्वय: ग्राम पंचायत द्वारा तैयार योजना को ब्लॉक व जिला स्तर पर अनुमोदित किया जाता है।

(7) कार्यान्वयन एवं मूल्यांकन: स्वीकृत योजना के अनुसार कार्य संपन्न किए जाते हैं और समय-समय पर निगरानी की जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion ):

जी.पी.डी.पी. ग्रामीण विकास को स्थानीय जरूरतों से जोड़कर सहभागी शासन को सशक्त बनाती है। यह योजना “गाँव की योजना, गाँव के लोग” की अवधारणा को साकार करती है।

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