उत्तर प्रदेश में हड़प्पा सभ्यता से संबंधित पुरास्थलों की पहचान कीजिए ।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

उत्तर प्रदेश में हड़प्पा सभ्यता (Harappan Civilization) के अनेक पुरास्थल पाए गए हैं, जो इस क्षेत्र के प्राचीन सांस्कृतिक विकास के प्रमाण हैं। ये स्थल दर्शाते हैं कि गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र भी सिंधु सभ्यता के प्रभाव क्षेत्र में था। यहाँ मिली वस्तुएँ उस युग की कृषि, व्यापार और शहरी संस्कृति का संकेत देती हैं।

मुख्य बिंदु (Important Points):

(1) आलमगीरपुर (मेरठ): इसे हड़प्पा सभ्यता की पूर्वी सीमा माना जाता है; यहाँ से मिट्टी के बर्तन, मोती और ताम्र उपकरण मिले हैं।

(2) हास्तिनापुर (मेरठ): यहाँ उत्खनन से हड़प्पाई संस्कृति के उत्तरवर्ती अवशेष मिले हैं।

(3) सिनौली (बागपत): हाल के उत्खनन में यहाँ से ताम्र रथ, हथियार और मानव कंकाल प्राप्त हुए हैं, जो उन्नत सभ्यता के संकेत हैं।

(4) भिर्साड़ी (बिजनौर): यहाँ से मिट्टी के पात्र और ताम्र अवशेष मिले हैं, जो हड़प्पाई प्रभाव दर्शाते हैं।

(5) मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्र: इन क्षेत्रों में चित्रित शैलाश्रय और पत्थर के औजार प्राचीन मानव संस्कृति की निरंतरता को दर्शाते हैं।

(6) कास्गंज और सहारनपुर: यहाँ से भी हड़प्पा कालीन शैली के बर्तन और औजार मिले हैं।

(7) ये सभी स्थल दर्शाते हैं कि हड़प्पा संस्कृति का प्रसार केवल सिंधु घाटी तक सीमित नहीं था, बल्कि गंगा-यमुना दोआब तक फैला था।

निष्कर्ष (Conclusion): उत्तर प्रदेश के ये पुरास्थल हड़प्पा सभ्यता के व्यापक भूगोल और उसकी सांस्कृतिक पहुंच को प्रमाणित करते हैं।ये स्थल भारतीय पुरातत्व और सभ्यता के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

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