उत्तर प्रदेश के प्रशासन में मुख्य सचिव की भूमिका का परीक्षण कीजिए।
Ans: प्रस्तावना (Introduction):
मुख्य सचिव (Chief Secretary) उत्तर प्रदेश शासन का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। यह राज्य के मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद का प्रमुख सलाहकार और प्रशासनिक समन्वयक होता है। मुख्य सचिव की भूमिका राज्य के सुचारु शासन संचालन में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
मुख्य सचिव की प्रमुख भूमिकाएँ (Main Roles of Chief Secretary ):
- प्रशासनिक प्रमुख: राज्य के समस्त विभागों का सर्वोच्च नौकरशाह और उनका नियंत्रणकर्ता।
- मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव: मुख्यमंत्री को नीतिगत निर्णयों में सलाह देना और कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
- मंत्रिपरिषद सचिवालय प्रमुख: मंत्रिपरिषद की बैठकें आयोजित करना एवं निर्णयों के अभिलेख बनाए रखना।
- समन्वयक की भूमिका: विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारु रहें।
- कार्मिक प्रबंधन: वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण और पदोन्नति से संबंधित कार्यों का नियंत्रण।
- नीति निर्माण: राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं को व्यावहारिक स्वरूप देने में प्रमुख भूमिका।
- विकास कार्यक्रमों की निगरानी: प्रमुख विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और मूल्यांकन की देखरेख।
- राज्य और केंद्र के बीच समन्वय: केंद्र सरकार और राज्य के विभागों के बीच संवाद सेतु के रूप में कार्य।
- आपदा प्रबंधन: राज्य में आपदा या आपात स्थिति में प्रशासनिक नियंत्रण और राहत कार्यों का संचालन।
- वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना: बजट उपयोग और वित्तीय नीतियों के पालन की देखरेख।
- लोकसेवा सुधार: प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देना।
- राज्य शासन की निरंतरता: राजनीतिक परिवर्तन के बावजूद प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखना।
निष्कर्ष (Conclusion):
मुख्य सचिव राज्य शासन की रीढ़ होता है, जो प्रशासनिक मशीनरी को सुचारु रूप से संचालित करता है। उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता से ही उत्तर प्रदेश में नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाता है।
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