सिविल सेवा के सन्दर्भ में निम्नलिखित की प्रासंगिकता का परीक्षण कीजिए। अ) सेवा भाव ब) दृढ़ विश्वास का साहस।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

सिविल सेवा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है। इसमें लोकहित, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व सर्वोपरि होते हैं। सेवा भाव और दृढ़ विश्वास का साहस, दोनों ही गुण एक आदर्श लोकसेवक की पहचान हैं।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • सेवा भाव लोकसेवक को जनता की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाता है।
  • यह करुणा, सहानुभूति और मानवीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।
  • लोकसेवक को आत्मकेंद्रित न होकर सार्वजनिक कल्याण के प्रति समर्पित रखता है।
  • दृढ़ विश्वास का साहस नैतिकता और सत्य के मार्ग पर टिके रहने की शक्ति देता है।
  • यह लोकसेवक को राजनीतिक या व्यक्तिगत दबावों से स्वतंत्र होकर निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।
  • नैतिक दुविधाओं की स्थिति में यह गुण सही के पक्ष में खड़े रहने का साहस प्रदान करता है।
  • दोनों गुण मिलकर प्रशासन में नैतिक नेतृत्व और जनविश्वास को सशक्त करते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

अतः सेवा भाव और दृढ़ विश्वास का साहस सिविल सेवक के चरित्र की दो आधारशिलाएँ हैं।

इनके समन्वय से प्रशासन जनहितकारी, नैतिक और उत्तरदायी बनता है।

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