“खाद्य सुरक्षा हेतु विभिन्न उपायों के बावजूद वृहत चुनौतियाँ बनी हुई हैं।” भारत के सन्दर्भ में व्याख्या कीजिए। “

Ans: परिचय (Introduction):

खाद्य सुरक्षा (Food Security) का अर्थ है – सभी व्यक्तियों को हर समय पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना। भारत ने इस दिशा में कई योजनाएँ और नीतियाँ लागू की हैं, जैसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA-2013)। फिर भी, खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में अनेक गंभीर चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

भारत में खाद्य सुरक्षा हेतु प्रमुख उपाय (Major Measures for Food Security in India):

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत 80 करोड़ लोगों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से अनाज का वितरण।
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना द्वारा मुफ्त अनाज वितरण।
  • मिड-डे मील योजना और आंगनवाड़ी कार्यक्रम के तहत बच्चों व महिलाओं को पौष्टिक भोजन।
  • राष्ट्रीय पोषण मिशन (POSHAN Abhiyaan) से कुपोषण में कमी का प्रयास।
  • कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए हरित क्रांति, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, और पीएम-किसान योजना जैसी पहलें।

फिर भी बनी प्रमुख चुनौतियाँ (Major Challenges Still Persist):

  • जलवायु परिवर्तन से कृषि उत्पादन प्रभावित होना।
  • खाद्यान्न वितरण में भ्रष्टाचार और लीकेज।
  • भंडारण और परिवहन सुविधाओं की कमी।
  • कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी।
  • किसानों की आय में असमानता और ऋण संकट।
  • भूमि विखंडन और सिंचाई की असमान उपलब्धता।
  • खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें और शहरी गरीबी।

निष्कर्ष (Conclusion):

भारत में खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन का नहीं, बल्कि समान वितरण और पोषण गुणवत्ता का भी प्रश्न है। स्थायी खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि कृषि सुधार, पारदर्शी वितरण प्रणाली और पोषण आधारित योजनाओं पर अधिक ध्यान दिया जाए।

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