विवादों के समाधान के लिए, हाल के वर्षों में कौन-से वैकल्पिक तंत्र उभरे है ? वे कितने प्रभावी सिद्ध हुए है ?
Ans: परिचय:
भारत में पारंपरिक न्यायालयों पर बढ़ते भार और लंबित मामलों की समस्या के कारण वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र (Alternative Dispute Resolution – ADR) की अवधारणा तेजी से विकसित हुई है। ये तंत्र विवादों को तेज, सस्ता और मैत्रीपूर्ण तरीके से सुलझाने में सहायक हैं। हाल के वर्षों में इनकी प्रभावशीलता ने न्यायिक प्रणाली को नया विकल्प प्रदान किया है।
मुख्य बिंदु:
- मध्यस्थता (Mediation): पक्षकारों के बीच समझौता कराने की प्रक्रिया, विशेषकर दीवानी मामलों में प्रभावी रही है।
- सुलह (Conciliation): इसमें एक निष्पक्ष सुलहकर्ता पक्षों को समझौते तक पहुँचने में मदद करता है।
- पंचायती न्याय (Arbitration): व्यावसायिक व अंतरराष्ट्रीय विवादों में प्रचलित, जिसमें न्यायालय की जगह पंच निर्णय करता है।
- लोक अदालतें (Lok Adalats): राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तहत संचालित, लाखों छोटे-मोटे मामले निपटाए गए हैं।
- परिवार न्यायालयों में मध्यस्थता केंद्र: पारिवारिक विवादों को संवेदनशीलता के साथ सुलझाने का माध्यम बने हैं।
- ई-मध्यस्थता (E-Mediation): तकनीकी प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन विवाद निपटान की सुविधा बढ़ी है।
- ग्रामीण स्तर पर ग्राम न्यायालय: स्थानीय विवादों को सुलझाने में ग्रामीण न्याय तक पहुंच आसान हुई है।
- कॉर्पोरेट और व्यापारिक विवादों में संस्थागत मध्यस्थता केंद्र (जैसे NDIAC): भरोसेमंद मंच प्रदान करते हैं।
- उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग: उपभोक्ताओं को सस्ता और तेज न्याय दिलाने में कारगर रहे हैं।
- प्री-लिटिगेशन सुलह बोर्ड: अदालतों में जाने से पहले ही विवाद निपटाने की व्यवस्था करते हैं।
- ADR को कानूनी मान्यता: आर्बिट्रेशन एंड कन्सिलिएशन एक्ट, 1996 और लीगल सर्विसेज अथॉरिटी एक्ट, 1987 ने इसे मजबूत आधार दिया।
- चुनौतियाँ: प्रशिक्षित मध्यस्थों की कमी, जागरूकता का अभाव और कुछ मामलों में समझौते का पालन न होना।
निष्कर्ष:
वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र ने न्याय व्यवस्था का बोझ कम किया और शीघ्र समाधान का मार्ग खोला है। यदि इनकी पारदर्शिता, जागरूकता और संस्थागत क्षमता बढ़ाई जाए, तो ये न्याय तक पहुँच का प्रभावी साधन बन सकते हैं।
Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.