भारतीय प्रवासी किस प्रकार अमेरिका में राष्ट्रीय हितों के संवर्द्धन में परिसम्पत्ति के रूप में उभरे है ? विवेचना कीजिए।

Ans: परिचय:

भारतीय प्रवासी (Indian Diaspora) अमेरिका में आज एक प्रभावशाली समुदाय के रूप में उभरा है। उनकी आर्थिक, शैक्षिक और तकनीकी उपलब्धियों ने न केवल अमेरिका में उनकी पहचान मजबूत की है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय हितों को भी सशक्त बनाया है। यह समुदाय भारत-अमेरिका संबंधों का एक महत्वपूर्ण सेतु बन चुका है।

मुख्य बिंदु:

1. आर्थिक योगदान: भारतीय प्रवासी अमेरिका की अर्थव्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाते हैं और भारत को बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा प्रेषण (Remittances) भेजते हैं।

2. तकनीकी नेतृत्व: अमेरिकी Silicon Valley में बड़ी संख्या में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञ और उद्यमी हैं, जिन्होंने भारत की तकनीकी छवि को मज़बूत किया है।

3. नीति-निर्माण में प्रभाव: भारतीय-अमेरिकी नागरिक जैसे कमला हैरिस, विवेक मूर्ति आदि अमेरिकी राजनीति में प्रमुख पदों पर हैं, जो भारत-अनुकूल दृष्टिकोण रखते हैं।

4. द्विपक्षीय संबंधों में सेतु: भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंधों को गहराई प्रदान करते हैं।

5. निवेश को प्रोत्साहन: प्रवासी समुदाय भारत में स्टार्टअप्स, आईटी और शिक्षा क्षेत्र में निवेश कर ‘मेक इन इंडिया’ को बल दे रहा है।

6. सांस्कृतिक कूटनीति: भारतीय त्यौहारों, योग और आयुर्वेद के प्रचार से प्रवासियों ने भारत की Soft Power को बढ़ाया है।

7. शिक्षा और अनुसंधान में योगदान: भारतीय मूल के वैज्ञानिक और शिक्षाविद वैश्विक नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

8. आपदा और संकट के समय सहयोग: कोविड-19 जैसी परिस्थितियों में प्रवासी भारतीयों ने भारत को आर्थिक और सामग्री सहायता दी।

9. जनमत निर्माण: भारतीय प्रवासी अमेरिकी मीडिया और थिंक टैंक्स में भारत की सकारात्मक छवि को प्रस्तुत करते हैं।

10. व्यापारिक साझेदारी: अमेरिकी कंपनियों में शीर्ष पदों पर भारतीयों की उपस्थिति भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को मजबूती देती है।

11. राजनीतिक लॉबिंग: US-India Political Action Committee (USINPAC) जैसे संगठन भारत समर्थक नीतियों के पक्ष में कार्य करते हैं।

12. राष्ट्रीय छवि निर्माण: सफल प्रवासी भारतीयों की उपलब्धियाँ भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाती हैं।

निष्कर्ष:

अमेरिका में भारतीय प्रवासी भारत की आर्थिक, कूटनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति के वाहक बन गए हैं। उनकी उपलब्धियाँ और योगदान भारत के राष्ट्रीय हितों के संवर्द्धन में एक अमूल्य परिसंपत्ति सिद्ध हुए हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.