स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत भारत के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका की विवेचना कीजिए ।
Ans: परिचय (Introduction):
भारत की स्वतंत्रता के बाद देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती रियासतों के एकीकरण की थी। सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति और कुशल नेतृत्व से इस चुनौती का समाधान किया। उन्हें “भारत का लौह पुरुष” कहा जाता है।
मुख्य बिंदु (Main Points):
- स्वतंत्रता के समय भारत में लगभग 562 देशी रियासतें थीं।
- सरदार पटेल ने गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री के रूप में रियासतों के विलय का दायित्व संभाला।
- वी. पी. मेनन की सहायता से “संघ में विलय की रियासती नीति” बनाई।
- अधिकांश रियासतों को शांतिपूर्ण समझौते से भारत में शामिल किया।
- जूनागढ़ और हैदराबाद का विलय कूटनीति और सैन्य कार्रवाई दोनों से किया गया।
- कश्मीर के विलय में भी उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई।
- उनके प्रयासों से भारत एक मजबूत, एकीकृत राष्ट्र बना।
निष्कर्ष (Conclusion):
सरदार पटेल ने अपने अद्वितीय नेतृत्व से बिखरे भारत को एकता के सूत्र में बांधा। उनका योगदान भारत की राष्ट्रीय एकता और अखंडता का आधार स्तंभ है।
Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.