GS-4

Home UPPCS Mains GS-4 Page 2

How far the act of ‘Right to Information’ is effective in deciding the transparency in governance? (8 Marks) UPPCS Mains 2024 GS-4

0

शासन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘सूचना के अधिकार’ का अधिनियम कहाँ तक प्रभावी है?

Ans: प्रस्तावना (Introduction ):

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (Right to Information Act, 2005) लोकतांत्रिक शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। यह नागरिकों को शासन की गतिविधियों में भागीदारी और निगरानी का अवसर प्रदान करता है। इससे सरकार के कार्यों में खुलापन और जिम्मेदारी बढ़ी है।

 मुख्य बिंदु (Main Points):

  • यह अधिनियम नागरिकों को सरकारी सूचनाएँ प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार देता है।
  • इससे भ्रष्टाचार, पक्षपात और प्रशासनिक गोपनीयता में कमी आई है।
  • सरकारी निर्णय प्रक्रिया जनता के लिए अधिक पारदर्शी हुई है।
  • मीडिया और नागरिक समाज को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
  • सूचना आयोगों की स्थापना ने शिकायत निवारण की प्रक्रिया को सशक्त बनाया।
  • कुछ क्षेत्रों में सूचना न देने या विलंब जैसी चुनौतियाँ अभी भी बनी हैं।
  • डिजिटल माध्यमों ने अधिनियम के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाया है।

निष्कर्ष (Conclusion): सूचना का अधिकार अधिनियम पारदर्शी शासन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हुआ है। हालाँकि इसके पूर्ण प्रभाव हेतु प्रशासनिक इच्छाशक्ति और नागरिक जागरूकता आवश्यक है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Explain the difference between code of ethics and code of conduct and elucidate their behavioural impact and applications by appropriate examples. (8 Marks) UPPCS Mains 2024 GS-4

0

आचार संहिता और आचरण संहिता के बीच अंतर की व्याख्या कीजिए तथा उनके व्यवहारिक प्रभावों एवं अनुप्रयोगों को उपयुक्त उदाहरणों द्वारा स्पष्ट कीजिए।

Ans: प्रस्तावना (Introduction ):

आचार संहिता और आचरण संहिता दोनों ही प्रशासनिक नैतिकता के महत्वपूर्ण अंग हैं। ये लोक सेवकों के व्यवहार, निर्णय और सार्वजनिक जिम्मेदारी को दिशा देती हैं। दोनों का उद्देश्य सुशासन और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करना है।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • आचार संहिता नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित मार्गदर्शन देती है।
  • आचरण संहिता विधिक या संगठनात्मक नियमों का औपचारिक ढांचा होती है।
  • आचार संहिता में “क्या सही है” पर बल दिया जाता है, जबकि आचरण संहिता में “क्या करना है” पर।
  • आचार संहिता स्वेच्छिक होती है, जबकि आचरण संहिता बाध्यकारी होती है।
  • उदाहरण: सिविल सेवा आचरण नियम, 1964 आचरण संहिता का उदाहरण है।
  • आचार संहिता नैतिक व्यवहार को प्रोत्साहित करती है, जैसे—ईमानदारी, निष्पक्षता।
  • दोनों मिलकर प्रशासनिक पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

आचार संहिता और आचरण संहिता का संतुलित पालन लोक प्रशासन को नैतिक और प्रभावी बनाता है। इनका समन्वय ही जिम्मेदार और जवाबदेह शासन की पहचान है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Discuss the various skills by which a public servant may enhance public commitment to the rules of law. (8 Marks) UPPCS Mains 2024 GS-4

0

उन विभिन्न कौशलों की चर्चा कीजिए जिनके द्वारा एक लोक सेवक कानून के नियमों के प्रति जनता की प्रतिबद्धता को बढ़ा सकता है।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

लोक सेवक समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करता है। उसकी भूमिका केवल कानून लागू करने की नहीं, बल्कि जनता में कानून के प्रति सम्मान विकसित करने की भी होती है। इसके लिए उसे विविध प्रशासनिक, संवादात्मक और नैतिक कौशलों की आवश्यकता होती है।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • संवाद कौशल: स्पष्ट, संवेदनशील और पारदर्शी संचार द्वारा नागरिकों को जागरूक करना।
  • नेतृत्व कौशल: उदाहरण प्रस्तुत कर कानून पालन की प्रेरणा देना।
  • नैतिक कौशल: ईमानदारी और निष्पक्षता से जनता का विश्वास अर्जित करना।
  • सहभागिता कौशल: निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
  • संघर्ष प्रबंधन कौशल: विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करना।
  • जनसंपर्क कौशल: जनता के साथ सकारात्मक संबंध बनाए रखना।
  • प्रेरणात्मक कौशल: नागरिकों को कानून के प्रति कर्तव्यबोध के लिए प्रेरित करना।

निष्कर्ष (Conclusion): इन कौशलों के माध्यम से लोक सेवक कानून के प्रति जन-प्रतिबद्धता को सुदृढ़ बना सकता है। इससे प्रशासन में विश्वास, अनुशासन और सहयोग की भावना विकसित होती है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

How far the views of Swami Vivekananda’s are successful in developing the core ideals and values of morality in human behaviours? Discuss. (8 Marks) UPPCS Mains 2024 GS-4

0

मानव व्यवहार में नैतिकता के मूल आदर्शों एवं मूल्यों को विकसित करने में स्वामी विवेकानंद के विचार कहाँ तक सफल रहे हैं? विवेचना कीजिए।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

स्वामी विवेकानंद के विचार मानव जीवन में नैतिकता, आत्मबल और सेवा भावना के प्रतीक हैं। उन्होंने व्यक्ति के आंतरिक विकास को समाज के उत्थान से जोड़ा। उनकी शिक्षाएँ आज भी नैतिक मूल्यों के निर्माण की प्रेरणा देती हैं।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • विवेकानंद ने “नैतिकता का आधार आत्मा की शुद्धता” को बताया।
  • उन्होंने सेवा को सर्वोच्च धर्म माना — “ईश्वर की सेवा मनुष्य की सेवा है।”
  • आत्मविश्वास, सत्य और निष्ठा को नैतिक जीवन की जड़ माना।
  • युवाओं को चरित्र निर्माण और अनुशासन का संदेश दिया।
  • उन्होंने धर्म को व्यवहारिक बनाया, कर्मयोग का संदेश दिया।
  • समाज में सहिष्णुता, समानता और करुणा की भावना को बल दिया।
  • उनके विचारों से मानवता, आत्मसंयम और सकारात्मक सोच का प्रसार हुआ।

निष्कर्ष (Conclusion): स्वामी विवेकानंद के विचारों ने मानव व्यवहार में नैतिक चेतना को जागृत किया। उनके आदर्श आज भी नैतिक समाज निर्माण के लिए प्रकाशस्तंभ बने हुए हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Examine the role of the following in the context of civil service. A) Moral code of conduct B) Work culture (8 Marks) UPPCS Mains 2024 GS-4

0

सिविल सेवा के सन्दर्भ में निम्नलिखित भूमिका का परीक्षण कीजिए। अ) नीतिपरक आचार संहिता ब) कार्य संस्कृति

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

सिविल सेवा में नीतिपरक आचार संहिता और कार्य संस्कृति सुशासन (Good Governance) के आधार स्तंभ हैं। ये दोनों तत्व प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सशक्त बनाते हैं। इनका पालन प्रशासनिक दक्षता और जनविश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • नीतिपरक आचार संहिता सिविल सेवकों के नैतिक आचरण का मार्गदर्शन करती है।
  • यह निष्पक्षता, ईमानदारी और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देने की प्रेरणा देती है।
  • कार्य संस्कृति प्रशासनिक व्यवहार, निर्णय प्रक्रिया और कार्य निष्पादन की शैली को दर्शाती है।
  • सकारात्मक कार्य संस्कृति नवाचार, टीमवर्क और परिणामोन्मुखता को बढ़ावा देती है।
  • नीतिपरक आचार संहिता भ्रष्टाचार और पक्षपात को रोकने में सहायक होती है।
  • आधुनिक प्रशासन में उत्तरदायित्व (Accountability) और पारदर्शिता पर बल दिया जाता है।
  • दोनों तत्व मिलकर प्रभावी, नैतिक और जनोन्मुख प्रशासन का निर्माण करते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

इस प्रकार नीतिपरक आचार संहिता और कार्य संस्कृति सिविल सेवा की आत्मा हैं। इनका समन्वय ही सुशासन और जनविश्वास की स्थायी नींव रखता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Popular Posts

My Favorites

What should be the nature of civil service values for a...

0
लोक प्रशासन में कार्यरत अधिकारी के लिए सिविल सेवा मूल्यों का स्वरूप क्या होना चाहिए? वह अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में इन मूल्यों...