You are a city commissioner. There is a reputed college in your city, which has the maximum number of girl students. The conditions of the toilets/washrooms in this college is very poor and pathetic due to which the girl students have to face many mental, physical and hygiene relate problems every day. The college administration is not paying any attention to these basic facilities of the girl students. As a city commissioner, what steps will you take to improve this basic facility of the girl students and against the indifference of the college administration? (Marks-12) UPPCS Mains 2024 GS-4
आप एक नगर आयुक्त हैं। आप के नगर में एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय स्थित है, जिसमें छात्राओं की संख्या काफी अधिक है। इस महाविद्यालय में शौचालय/प्रसाधन की स्थिति अत्यन्त दयनीय है, जिससे आये दिन छात्राओं को मानसिक, शारीरिक एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। महाविद्यालय प्रशासन छात्राओं की इस बुनियादी सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। एक नगर आयुक्त के रूप में आप छात्राओं को इस बुनियादी सुविधाओं के सुधार के लिए महाविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के विरुद्ध क्या कदम उठायेंगे? (12)
Ans: प्रस्तावना (Introduction):
एक नगर आयुक्त के रूप में मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी नगर के नागरिकों, विशेषकर छात्राओं, को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है। महाविद्यालयों में स्वच्छ शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ न केवल स्वास्थ्य बल्कि गरिमा और समानता से भी जुड़ी हैं। ऐसी स्थिति में प्रशासन की निष्क्रियता के विरुद्ध नैतिक, कानूनी और मानवीय दृष्टि से ठोस कदम आवश्यक हैं।
मुख्य बिंदु (Main Points):
- स्थिति का मूल्यांकन: सर्वप्रथम महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार करूँगा।
- नोटिस जारी करना: महाविद्यालय प्रशासन को तत्काल सुधार हेतु औपचारिक नोटिस भेजा जाएगा।
- समय-सीमा निर्धारण: स्वच्छता और शौचालय निर्माण/मरम्मत के लिए निश्चित समय सीमा तय की जाएगी।
- जनस्वास्थ्य अधिनियम के तहत कार्यवाही: यदि सुधार नहीं होता, तो नगर निगम अधिनियम या जनस्वास्थ्य कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- छात्राओं की शिकायत निवारण समिति: छात्राओं की समस्याएँ सीधे सुनने के लिए शिकायत प्रकोष्ठ बनाया जाएगा।
- स्वच्छता निरीक्षण दल: नियमित अंतराल पर निरीक्षण हेतु विशेष दल गठित किया जाएगा।
- स्वच्छता मिशन से सहयोग: ‘स्वच्छ भारत मिशन’ या CSR फंडिंग के माध्यम से वित्तीय सहयोग लिया जा सकता है।
- जन-जागरूकता अभियान: छात्राओं में स्वच्छता, स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु अभियान चलाया जाएगा।
- मीडिया पारदर्शिता: समस्या और उठाए गए कदमों की जानकारी स्थानीय मीडिया में साझा की जाएगी ताकि जवाबदेही बनी रहे।
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय: पार्षद या विधायक से समन्वय कर प्रशासनिक सहयोग प्राप्त किया जाएगा।
- दीर्घकालिक योजना: भविष्य में नगर के सभी शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता ऑडिट को अनिवार्य बनाया जाएगा।
- नैतिक जिम्मेदारी: एक लोकसेवक के रूप में छात्राओं की गरिमा और स्वास्थ्य की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
निष्कर्ष (Conclusion):
नगर आयुक्त के रूप में मेरा उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रशासन के माध्यम से जनकल्याण सुनिश्चित करना है। स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराना छात्राओं के अधिकार और गरिमा दोनों की रक्षा का प्रतीक है।
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