उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मेलनों की उपलब्धियों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये ।

Ans: परिचय (Introduction):

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को औद्योगिक रूप से विकसित करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) की शुरुआत की। इसका लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • पहला ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2018 में लखनऊ में आयोजित हुआ।
  • इसमें लगभग ₹4.68 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
  • वर्ष 2023 में दूसरा समिट हुआ, जिसमें ₹33.5 लाख करोड़ के प्रस्ताव मिले।
  • इस सम्मेलन में 29 से अधिक देशों ने भाग लिया।
  • प्रमुख निवेश क्षेत्र – रक्षा, एयरोस्पेस, IT, MSME, कृषि, पर्यटन और ऊर्जा रहे।
  • ‘ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी’ के माध्यम से कई परियोजनाएँ शुरू की गईं।
  • लगभग 10 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावना बताई गई।
  • निवेश से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
  • सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक नीतियाँ लागू कीं।
  • बुनियादी ढाँचे में सुधार से एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर और लॉजिस्टिक पार्क विकसित हुए।
  • आलोचनात्मक रूप से, अधिकांश MoU अभी क्रियान्वयन के प्रारंभिक चरण में हैं।
  • छोटे निवेशकों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रभाव अभी सीमित है।

निष्कर्ष (Conclusion): ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर स्थापित किया है। इसकी स्थायी सफलता वास्तविक परियोजनाओं के शीघ्र और समान रूप से क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.