दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रति भारत की क्षेत्रीय नीति की विवेचना कीजिए।

Ans:  परिचय:

भारत की दक्षिण–पूर्व एशिया नीति एशिया में शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। 1990 के दशक में शुरू की गई “Look East Policy” को बाद में “Act East Policy” में परिवर्तित किया गया। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र के देशों के साथ रणनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को सशक्त बनाना है।

मुख्य बिंदु:

  • भारत ASEAN (Association of Southeast Asian Nations) का रणनीतिक साझेदार है।
  • नीति का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय व्यापार, संपर्कता और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना है।
  • Act East Policy (2014) ने भारत की भूमिका को अधिक सक्रिय और प्रभावशाली बनाया।
  • म्यांमार, थाईलैंड, वियतनाम जैसे देशों के साथ भारत के आर्थिक संबंध मज़बूत हुए।
  • सड़क, जल और वायु मार्गों की कनेक्टिविटी परियोजनाएँ (जैसे India–Myanmar–Thailand Highway) प्रगति पर हैं।
  • भारत और ASEAN के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) से व्यापारिक सहयोग बढ़ा है।
  • यह नीति चीन के बढ़ते प्रभाव के संतुलन और इंडो-पैसिफिक रणनीति में भी सहायक है।

निष्कर्ष:

भारत की दक्षिण–पूर्व एशिया नीति पारस्परिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर आधारित है। यह नीति भारत को एशियाई परिदृश्य में एक सशक्त, संतुलित और सक्रिय शक्ति के रूप में स्थापित करती है।

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