भारतीय समाज पर वैश्वीकरण के प्रभावों की चर्चा कीजिए ।

Ans: प्रस्तावना:

वैश्वीकरण (Globalization) का अर्थ है — विश्व के देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी एकीकरण की प्रक्रिया। 1991 के आर्थिक उदारीकरण (Liberalization) के बाद भारत में वैश्वीकरण ने तीव्र गति से प्रभाव डाला। इसने भारतीय समाज के अनेक आयामों को परिवर्तित किया।

मुख्य प्रभाव:

  • आर्थिक प्रभाव: रोजगार के नए अवसर बढ़े, परंतु असमानता भी बढ़ी।
  • सांस्कृतिक प्रभाव: पश्चिमी जीवनशैली, पहनावा और उपभोक्तावाद का प्रसार हुआ।
  • शैक्षिक प्रभाव: तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार हुआ।
  • संचार क्रांति: इंटरनेट और मोबाइल ने सामाजिक जुड़ाव और जानकारी का प्रसार बढ़ाया।
  • महिलाओं की स्थिति: शिक्षा और रोजगार में अवसर बढ़े, परंतु सांस्कृतिक द्वंद्व भी उभरा।
  • पर्यावरणीय प्रभाव: औद्योगिकीकरण और उपभोग ने पर्यावरणीय संकट बढ़ाया।
  • परिवार संरचना: संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवारों का चलन बढ़ा।

उपसंहार:

वैश्वीकरण ने भारतीय समाज को आधुनिक और विश्व से जुड़ा बनाया, परंतु इसके साथ सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुईं। अतः आवश्यक है कि भारत अपने मूल मूल्यों को बनाए रखते हुए वैश्वीकरण का संतुलित उपयोग करे।

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