आचार संहिता और आचरण संहिता के बीच अंतर की व्याख्या कीजिए तथा उनके व्यवहारिक प्रभावों एवं अनुप्रयोगों को उपयुक्त उदाहरणों द्वारा स्पष्ट कीजिए।

Ans: प्रस्तावना (Introduction ):

आचार संहिता और आचरण संहिता दोनों ही प्रशासनिक नैतिकता के महत्वपूर्ण अंग हैं। ये लोक सेवकों के व्यवहार, निर्णय और सार्वजनिक जिम्मेदारी को दिशा देती हैं। दोनों का उद्देश्य सुशासन और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करना है।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • आचार संहिता नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों पर आधारित मार्गदर्शन देती है।
  • आचरण संहिता विधिक या संगठनात्मक नियमों का औपचारिक ढांचा होती है।
  • आचार संहिता में “क्या सही है” पर बल दिया जाता है, जबकि आचरण संहिता में “क्या करना है” पर।
  • आचार संहिता स्वेच्छिक होती है, जबकि आचरण संहिता बाध्यकारी होती है।
  • उदाहरण: सिविल सेवा आचरण नियम, 1964 आचरण संहिता का उदाहरण है।
  • आचार संहिता नैतिक व्यवहार को प्रोत्साहित करती है, जैसे—ईमानदारी, निष्पक्षता।
  • दोनों मिलकर प्रशासनिक पारदर्शिता और सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

आचार संहिता और आचरण संहिता का संतुलित पालन लोक प्रशासन को नैतिक और प्रभावी बनाता है। इनका समन्वय ही जिम्मेदार और जवाबदेह शासन की पहचान है।

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