उत्तर प्रदेश के संदर्भ में फूलों की खेती की समस्याओं और संभावनाओं की व्याख्या कीजिये ।
Ans: परिचय (Introduction):
उत्तर प्रदेश में कृषि विविधीकरण के अंतर्गत फूलों की खेती (Floriculture) तेजी से उभरता क्षेत्र है। यह न केवल किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करती है बल्कि रोजगार और निर्यात के नए अवसर भी उपलब्ध कराती है। राज्य की भौगोलिक विविधता फूल उत्पादन के लिए उपयुक्त है, फिर भी इस क्षेत्र में कई चुनौतियाँ विद्यमान हैं।
मुख्य बिंदु (Important Points):
- राज्य में गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, ग्लैडियोलस और गेंदा प्रमुख रूप से उगाए जाते हैं।
- फूलों की खेती मुख्यतः बाराबंकी, लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, वाराणसी और मेरठ जिलों में होती है।
- अनुकूल जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और बड़े उपभोक्ता बाज़ार इसके प्रमुख लाभ हैं।
- सरकार द्वारा फ्लोरिकल्चर मिशन और कृषि विविधीकरण योजना से प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
- फूलों की मांग धार्मिक, औद्योगिक, सौंदर्य प्रसाधन और निर्यात क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है।
- मुख्य समस्याएँ:
- बाजार ढाँचा व कोल्ड स्टोरेज की कमी।
- परिवहन व आपूर्ति श्रृंखला कमजोर।
- किसानों में तकनीकी ज्ञान व प्रशिक्षण की कमी।
- निर्यात गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में कठिनाई।
- संभावनाएँ:
- ग्रीनहाउस तकनीक से उत्पादन क्षमता में वृद्धि।
- ई-मार्केटिंग व कॉर्पोरेट टाई-अप से स्थायी बाजार।
- सरकारी सहायता से फूल-आधारित उद्योगों का विकास।
निष्कर्ष (Conclusion): यदि आधुनिक तकनीक, विपणन ढाँचा और प्रशिक्षण को सशक्त किया जाए, तो उत्तर प्रदेश फूलों की खेती में देश का अग्रणी राज्य बन सकता है।