उत्तर प्रदेश के रामसर स्थलों को चिह्नित कीजिये एवं उनकी विशेषताओं का वर्णन कीजिये।
Ans: परिचय:
उत्तर प्रदेश में कई आर्द्रभूमि स्थल (Wetlands) हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय महत्व के कारण रामसर स्थल (Ramsar Sites) घोषित किया गया है। ये स्थल जैव विविधता, जल संरक्षण और प्रवासी पक्षियों के आवास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य बिंदु:
- राज्य में कुल 10 रामसर स्थल हैं जैसे— नवाबगंज, समासपुर, संडी, पार्वती अरण्य, बखिरा, सुरहा ताल, सैंथरी, सम्प्रस, हक्कार और संजय झील।
- अधिकांश स्थल गंगा और घाघरा नदी तंत्र से जुड़े हैं।
- यहाँ सारस, पेलिकन, साइबेरियन क्रेन जैसे दुर्लभ पक्षी पाए जाते हैं।
- ये स्थल भू-जल पुनर्भरण और जलवायु संतुलन में सहायक हैं।
- स्थानीय मछली पालन और पर्यटन को बढ़ावा देते हैं।
- कुछ स्थल इको-टूरिज़्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।
- प्रदूषण और अतिक्रमण इनके संरक्षण की मुख्य चुनौती हैं।
निष्कर्ष: रामसर स्थल उत्तर प्रदेश की पर्यावरणीय धरोहर हैं, जिनके संरक्षण से सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन को मजबूती मिलेगी।
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