‘वर्तमान में भारत-पाक सम्बन्ध एक छलावा है।’ उन अन्तर्निहित समस्याओं को स्पष्ट कीजिए जो भारत-पाक सम्बन्धों में बार-बार कटुता उत्पन्न करती है। ‘

Ans: परिचय:

भारत और पाकिस्तान के संबंध 1947 के विभाजन के बाद से ही तनाव और अविश्वास से घिरे रहे हैं। यद्यपि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता और समझौते कई बार हुए, परंतु वास्तविक संबंध स्थिर नहीं हो सके। “भारत-पाक संबंध एक छलावा हैं” — यह कथन उन गहरी समस्याओं की ओर संकेत करता है जो बार-बार कटुता उत्पन्न करती हैं।

मुख्य बिंदु:

1. कश्मीर विवाद: जम्मू-कश्मीर पर संप्रभुता का विवाद दोनों देशों के बीच स्थायी तनाव का मुख्य कारण है।

2. सीमा पार आतंकवाद: पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियाँ, विशेषकर पुलवामा (2019) और उरी (2016) जैसी घटनाएँ, विश्वास को कमजोर करती हैं।

3. राजनीतिक अस्थिरता: पाकिस्तान में बार-बार सैन्य शासन और कमजोर लोकतंत्र से नीति में निरंतरता नहीं रहती।

4. जल विवाद: सिंधु जल संधि के बावजूद जल-वितरण पर असंतोष और आरोप-प्रत्यारोप बने रहते हैं।

5. व्यापारिक अवरोध: द्विपक्षीय व्यापार को राजनीतिक कारणों से कई बार निलंबित किया गया है।

6. घुसपैठ और सीमा संघर्ष: नियंत्रण रेखा (LoC) पर बार-बार होने वाली गोलाबारी तनाव को बढ़ाती है।

7. पाकिस्तान की भारत-विरोधी नीतियाँ: शिक्षा, मीडिया और राजनीति में भारत-विरोधी भावनाएँ भड़काई जाती हैं।

8. आतंकवादी संगठनों को समर्थन: लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन पाकिस्तान से संचालित होते हैं।

9. कूटनीतिक संवाद का अभाव: वार्ता प्रक्रिया बार-बार आतंकवादी घटनाओं के कारण बाधित होती है।

10. अफगानिस्तान और चीन के साथ रणनीतिक समीकरण: पाकिस्तान का झुकाव चीन की ओर भारत के लिए रणनीतिक चुनौती है।

11. परमाणु हथियारों की प्रतिस्पर्धा: दोनों देशों के बीच परमाणु संतुलन क्षेत्रीय शांति के लिए जोखिम पैदा करता है।

12. जनभावनाएँ और मीडिया भूमिका: दोनों देशों के मीडिया में राष्ट्रवादी बयानबाज़ी से आपसी अविश्वास बढ़ता है।

निष्कर्ष:

भारत-पाक संबंधों में शांति के प्रयास अक्सर सतही साबित हुए हैं क्योंकि मूल समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। स्थायी संबंध तभी संभव हैं जब पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन बंद करे और परस्पर विश्वास बहाली के ठोस कदम उठाए जाएँ।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.