प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन के लिए साहित्यिक स्रोत का परिचय दीजिए ।

Ans: प्रस्तावना:

प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन में साहित्यिक स्रोत (Literary Sources) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये उस काल की सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं आर्थिक स्थिति का ज्ञान कराते हैं। ये स्रोत हमें भारत की सभ्यता और संस्कृति की निरंतरता को समझने में सहायता देते हैं।

मुख्य बिंदु:

  • वैदिक साहित्य – ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद से आरंभिक आर्यों के जीवन का ज्ञान।
  • उपनिषद – दार्शनिक विचारों और आत्मा-परमात्मा के संबंध की व्याख्या।
  • महाकाव्य – रामायण और महाभारत से राजनैतिक, सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों की जानकारी।
  • बौद्ध ग्रंथ – त्रिपिटक से मौर्यकालीन समाज और धर्म का चित्रण।
  • जैन ग्रंथ – आगम से श्रमण परंपरा और गणराज्य व्यवस्था की जानकारी।
  • संस्कृत नाटक एवं काव्य – कालिदास जैसे कवियों से गुप्तकालीन संस्कृति का परिचय।
  • विदेशी यात्रियों के वृत्तांत – मेगस्थनीज़, फाह्यान आदि से ऐतिहासिक तथ्यों की पुष्टि।

उपसंहार:

इस प्रकार साहित्यिक स्रोत प्राचीन भारत के विविध पक्षों को उजागर करते हैं। ये इतिहास की आधारशिला हैं, जो हमें अतीत से वर्तमान तक की सांस्कृतिक यात्रा दिखाते हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.