“अवैध धन स्थानान्तरण देश की आर्थिक प्रभुसत्ता के लिए गम्भीर खतरा है। सूचना और संचार प्रौद्योगिकी ने इसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना दिया है।” व्याख्या कीजिए। “

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

अवैध धन स्थानान्तरण (Illegal Money Transfer) या मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अवैध कमाई को वैध रूप में दिखाया जाता है। यह देश की आर्थिक स्थिरता और वित्तीय प्रणाली के लिए बड़ा खतरा है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के विकास ने इसे और जटिल बना दिया है।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • अवैध धन स्थानान्तरण से कर चोरी, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है।
  • यह देश की आर्थिक प्रभुसत्ता (Economic Sovereignty) को कमजोर करता है क्योंकि पूंजी का अनियंत्रित बहिर्गमन होता है।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन लेन-देन ने अपराधियों को गुप्त रूप से धन स्थानांतरित करने का आसान माध्यम दिया है।
  • क्रिप्टोकरेंसी और डार्क वेब के उपयोग से धन का स्रोत छिपाना और कठिन हो गया है।
  • इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार और राजकोषीय नीतियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक वित्तपोषण (Terror Financing) को बढ़ाता है।
  • सरकार ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 लागू किया है।
  • प्रवर्तन निदेशालय (ED) और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) इस पर निगरानी रखती हैं।
  • Know Your Customer (KYC) और PAN–Aadhaar linking से पहचान सत्यापन को मजबूत किया गया है।
  • सूचना प्रौद्योगिकी ने निगरानी बढ़ाई है, परंतु साइबर अपराधियों ने नए तकनीकी तरीके अपनाए हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे FATF (Financial Action Task Force) के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
  • डिजिटल साक्षरता और डेटा सुरक्षा के उपाय इस खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

अवैध धन स्थानान्तरण आर्थिक सुरक्षा और नीति निर्माण की नींव को कमजोर करता है। सशक्त नियामक ढाँचा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी सतर्कता से ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

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