‘सार्क’ की असफलता ने भारत को ‘बिम्सटेक’ (BIMSTEC) को सशक्त बनाने के लिए बाध्य किया। विवेचना कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction):

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) क्षेत्रीय एकता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बना था। परंतु राजनीतिक मतभेदों, विशेषकर भारत-पाकिस्तान तनावों के कारण सार्क निष्क्रिय हो गया। इसके परिणामस्वरूप भारत ने बिम्सटेक (BIMSTEC) को क्षेत्रीय सहयोग का नया मंच बनाया।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • सार्क की बैठकों का स्थगन भारत-पाक तनावों का सीधा परिणाम रहा है।
  • बिम्सटेक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं।
  • यह संगठन दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ता है, जिससे भारत की “एक्ट ईस्ट नीति” को बल मिलता है।
  • बिम्सटेक आतंकवाद, व्यापार, ऊर्जा, संपर्क और आपदा प्रबंधन पर केंद्रित है
  • इसमें पाकिस्तान की अनुपस्थिति भारत को क्षेत्रीय नेतृत्व का अवसर देती है।
  • भारत ने बिम्सटेक को सार्क का विकल्प बनाते हुए क्षेत्रीय कूटनीति को पुनर्परिभाषित किया है।
  • हाल के वर्षों में BIMSTEC Summit और Connectivity Master Plan इसके सशक्तिकरण के संकेत हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

सार्क की विफलता ने भारत को नई रणनीतिक दिशा दी है। बिम्सटेक के माध्यम से भारत क्षेत्रीय सहयोग और एशियाई एकीकरण की प्रक्रिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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