शहरीकरण की प्रक्रिया समाज के लिए विकास या विनाश है । अपना मत लिखिए ।
Ans: प्रस्तावना (Introduction) –
शहरीकरण (Urbanization) वह प्रक्रिया है जिसमें जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों से नगरों की ओर स्थानांतरित होती है। यह आधुनिकता, उद्योग, और तकनीकी विकास का प्रतीक माना जाता है। किन्तु तीव्र एवं अनियोजित शहरीकरण के कारण इसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव समाज पर देखे जाते हैं।
मुख्य बिंदु (Main Points):
- विकास का प्रतीक: शहरीकरण ने उद्योग, व्यापार, रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ाए।
- आधुनिक सुविधाएँ: परिवहन, स्वास्थ्य, संचार और तकनीकी सुविधाओं का विस्तार हुआ।
- सांस्कृतिक विविधता: शहरों में विभिन्न संस्कृतियों के मेल से सामाजिक समरसता बढ़ी।
- नवाचार और तकनीकी प्रगति: शहरी वातावरण ने नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया।
- जीवन स्तर में सुधार: बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवनशैली ने सामाजिक प्रगति को बल दिया।
- पर्यावरणीय क्षरण: अनियंत्रित शहरीकरण से प्रदूषण, जल संकट और हरियाली में कमी आई।
- झुग्गी-बस्तियों की समस्या: ग्रामीण पलायन से आवासीय संकट और असमानता बढ़ी।
- सामाजिक असमानता: गरीब और अमीर के बीच आर्थिक दूरी बढ़ी।
- अपराध और तनाव: बेरोज़गारी, प्रतिस्पर्धा और भीड़ के कारण मानसिक तनाव व अपराध बढ़े।
- ग्रामीण संस्कृति का क्षय: पारंपरिक मूल्यों और सामुदायिक भावना में कमी आई।
- अवसंरचना पर दबाव: यातायात, स्वच्छता और सार्वजनिक सेवाओं पर अत्यधिक भार पड़ा।
- संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता: योजनाबद्ध शहरीकरण से विकास को टिकाऊ बनाया जा सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion) –
शहरीकरण न तो पूर्णतः विकास है, न ही विनाश—यह दोनों का मिश्रण है। यदि इसे संतुलित और योजनाबद्ध रूप से अपनाया जाए, तो यह समाज के सर्वांगीण विकास का माध्यम बन सकता है।
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