‘बेरोजगारी भारत में व्याप्त निर्धनता का एक मात्र कारण है’ । टिप्पणी कीजिए ।
Ans: परिचय (Introduction):
भारत में निर्धनता (Poverty) एक जटिल सामाजिक-आर्थिक समस्या है। बेरोजगारी (Unemployment) इसका प्रमुख कारण है, परंतु यह एकमात्र कारण नहीं है। गरीबी कई संरचनात्मक और नीतिगत कारकों का परिणाम है।
मुख्य बिंदु (Main Points):
- बेरोजगारी से आय के स्रोत सीमित हो जाते हैं, जिससे निर्धनता बढ़ती है।
- जनसंख्या वृद्धि से रोजगार के अवसरों पर दबाव बढ़ता है।
- शिक्षा और कौशल की कमी से लोग गुणवत्तापूर्ण रोजगार नहीं पा पाते।
- कृषि पर अत्यधिक निर्भरता और औद्योगिक विकास की कमी निर्धनता बढ़ाते हैं।
- असमान आय वितरण और सामाजिक विषमता भी गरीबी का कारण हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे और निवेश की कमी से आर्थिक अवसर घटते हैं।
- भ्रष्टाचार और नीतियों के कमजोर क्रियान्वयन से गरीब वर्ग लाभ से वंचित रहता है।
निष्कर्ष (Conclusion):
यद्यपि बेरोजगारी निर्धनता का प्रमुख कारण है, पर यह अकेला नहीं है। समग्र विकास के लिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समानता पर समान बल देना आवश्यक है।
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