भारत में भूमि सुधारों के क्रियान्वयन में प्रमुख चुनौतियाँ कौन-सी हैं? इन चुनौतियों के निस्तारण हेतु सुझाव दीजिये।

भारत में भूमि सुधारों का उद्देश्य भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध कराना, कृषि उत्पादकता बढ़ाना और ग्रामीण असमानता घटाना रहा है। किंतु इन सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन में अनेक बाधाएँ सामने आई हैं।

मुख्य बिंदु (Key Points):

  • अस्पष्ट एवं अपूर्ण भूमि अभिलेख, जिससे स्वामित्व विवाद उत्पन्न होते हैं।
  • राजनीतिक हस्तक्षेप और स्थानीय जमींदारों का विरोध।
  • राज्यों में भूमि कानूनों की विविधता और कमजोर प्रवर्तन तंत्र।
  • बंटाईदारों की सही पहचान और अधिकार सुनिश्चित करने में कठिनाई।
  • भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक उदासीनता से सुधारों की धीमी प्रगति।
  • भूमि के अत्यधिक विखंडन से उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव।
  • शहरीकरण और औद्योगीकरण से कृषि भूमि में लगातार कमी।

निष्कर्ष (Conclusion):

भूमि सुधारों के सफल क्रियान्वयन हेतु भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, पारदर्शी कानून, सहकारी खेती और राजनीतिक इच्छाशक्ति आवश्यक हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में न्यायपूर्ण विकास संभव होगा।

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