सन् 1857 की क्रांति के पश्चात् ब्रिटिश सरकार की अवध के तालुकादारों के प्रति क्या नीति थी ?
Ans: परिचय (Introduction) –
सन् 1857 की क्रांति में अवध के तालुकादारों ने सक्रिय रूप से भाग लिया था, जिससे ब्रिटिश शासन को भारी चुनौती मिली। क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार ने अपने प्रशासनिक नियंत्रण को मज़बूत करने हेतु नई नीतियाँ अपनाईं। इन नीतियों का उद्देश्य तालुकादारों को शांत करना और उन्हें शासन का सहयोगी बनाना था।
मुख्य बिंदु (Important Points) –
- ब्रिटिशों ने आरंभिक दंडात्मक नीति छोड़कर समझौता नीति अपनाई।
- कई तालुकादारों की जमींदारियाँ पुनः बहाल की गईं।
- उन्हें राजस्व वसूली का अधिकार दिया गया ताकि वे शासन के प्रति निष्ठावान रहें।
- भूमि सुधारों के माध्यम से किसानों पर नियंत्रण बनाए रखा गया।
- तालुकादारों को स्थानीय प्रशासन में प्रमुख भूमिका दी गई।
- अंग्रेजों ने उन्हें राजनीतिक रूप से आश्रित वर्ग बना दिया।
- इस नीति से ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रिटिश प्रभुत्व सुदृढ़ हुआ।
निष्कर्ष (Conclusion) –
क्रांति के बाद की नीति ने तालुकादारों को ब्रिटिश शासन का सहयोगी बना दिया। इससे अंग्रेजों ने अवध में स्थिरता तो पाई, पर किसानों का शोषण बढ़ता गया।
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