भारत के भूकम्पीय क्षेत्रों पर टिप्पणी लिखिए ।

Ans: प्रस्तावना:

भारत भूकम्पीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील देश है क्योंकि यह भारतीय प्लेट (Indian Plate) और यूरेशियाई प्लेट (Eurasian Plate) के संधि क्षेत्र पर स्थित है। इस कारण देश के विभिन्न भागों में भूकम्प की तीव्रता और आवृत्ति भिन्न-भिन्न पाई जाती है।

मुख्य बिंदु:

  • भूकम्पीय विभाजन: भारत को भूकम्प संभाव्यता के आधार पर पाँच क्षेत्रों (Zone I से V) में बाँटा गया है।
  • सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्र (Zone V): जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर-पूर्वी राज्य और अंडमान-निकोबार द्वीप।
  • उच्च संवेदनशील क्षेत्र (Zone IV): दिल्ली, बिहार, सिक्किम, पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग, गुजरात का कुछ हिस्सा।
  • मध्यम क्षेत्र (Zone III): महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा और दक्षिण राजस्थान के कुछ भाग।
  • कम संवेदनशील क्षेत्र (Zone II): दक्कन पठार और दक्षिणी भारत के अधिकांश क्षेत्र।
  • कारण: प्लेट विवर्तनिकी, भ्रंश रेखाएँ और पर्वत निर्माण की प्रक्रियाएँ।
  • निवारण उपाय: भूकम्परोधी भवन निर्माण और जन-जागरूकता आवश्यक है।

उपसंहार:

भारत के भूकम्पीय क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से विविध हैं। उचित योजना और तकनीकी उपायों से भूकम्प के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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