Distinguish between natural and manmade disasters. Also, elucidate the effectiveness of the disaster management system in India. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-3
प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं में अन्तर स्पष्ट करें। साथ ही, भारत में आपदा प्रबन्धन प्रणाली की प्रभावशीलता स्पष्ट करें।
Ans: प्रस्तावना (Introduction):
आपदाएँ दो प्रकार की होती हैं – प्राकृतिक (Natural) और मानव निर्मित (Man-made)। ये मानव जीवन, संपत्ति और पर्यावरण को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। भारत, अपने भौगोलिक विविधता के कारण, दोनों प्रकार की आपदाओं के प्रति संवेदनशील है।
मुख्य बिंदु (Main Points):
- प्राकृतिक आपदाएँ – वे आपदाएँ जो प्रकृति की शक्तियों से उत्पन्न होती हैं, जैसे भूकम्प, बाढ़, चक्रवात, सूखा आदि।
- मानव निर्मित आपदाएँ – वे आपदाएँ जो मानव की गतिविधियों से उत्पन्न होती हैं, जैसे औद्योगिक दुर्घटनाएँ, रासायनिक रिसाव, परमाणु दुर्घटनाएँ आदि।
- प्राकृतिक आपदाएँ अप्रत्याशित होती हैं, जबकि मानव निर्मित आपदाएँ प्रायः लापरवाही या तकनीकी विफलता से होती हैं।
- भारत विश्व के उन देशों में है जहाँ लगभग 60% भूमि भूकम्प संभावित क्षेत्र में है।
- देश के तटीय भागों में चक्रवात और सुनामी का खतरा बना रहता है।
- मानव निर्मित आपदाओं में भोपाल गैस त्रासदी (1984) प्रमुख उदाहरण है।
- भारत में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 लागू किया गया।
- इसके तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की स्थापना हुई।
- राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) व जिला आपदा प्राधिकरण (DDMA) स्थानीय स्तर पर कार्य करते हैं।
- NDRF (National Disaster Response Force) त्वरित राहत व बचाव कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाती है।
- सरकार ने ‘Sendai Framework for Disaster Risk Reduction’ के अनुरूप नीति अपनाई है।
- समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली से तैयारी में सुधार हुआ है।
निष्कर्ष (Conclusion):
भारत की आपदा प्रबंधन प्रणाली निरंतर सुदृढ़ हो रही है, परंतु स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण और जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। समन्वित प्रयासों से ही आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सकता है।
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