Governance, Schemes and Welfare

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State the important objectives of NITI Aayog. How are the principles and functions of NITI Aayog different from those of the planning commission? Comment. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-3

नीति आयोग के प्रमुख उद्देश्य बताइये। नीति आयोग के सिद्धान्त और कार्य किस प्रकार योजना आयोग से भिन्न हैं? टिप्पणी कीजिये।

Ans: परिचय (Introduction):

नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई थी। इसका उद्देश्य भारत में सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को बढ़ावा देना और राज्यों की सक्रिय भागीदारी से विकास प्रक्रिया को तेज करना है। यह आयोग सरकार को नीतिगत सलाह देने वाला एक “थिंक टैंक” के रूप में कार्य करता है।

नीति आयोग के प्रमुख उद्देश्य (Main Objectives):

  • राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं का निर्धारण।
  • सहकारी संघवाद को सशक्त बनाना।
  • राज्यों की भागीदारी से नीतियों का निर्माण।
  • दीर्घकालिक रणनीतियाँ और अल्पकालिक कार्ययोजनाएँ बनाना।
  • सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में कार्य करना।
  • नीति निर्माण में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देना।
  • सामाजिक-आर्थिक संकेतकों का विश्लेषण करना।
  • केंद्र और राज्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करना।
  • पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को प्रोत्साहन देना।
  • निजी क्षेत्र और नागरिक समाज की भूमिका को शामिल करना।
  • नीति कार्यान्वयन की निगरानी और मूल्यांकन करना।
  • जन-केंद्रित शासन (People-Centric Governance) को बढ़ावा देना।
  • योजना आयोग से भिन्नता (Difference from Planning Commission):
  • नीति आयोग का कोई वित्तीय आवंटन अधिकार नहीं है, जबकि योजना आयोग राज्यों को धन आवंटित करता था।
  • यह “बॉटम-अप” दृष्टिकोण अपनाता है, जबकि योजना आयोग “टॉप-डाउन” मॉडल पर कार्य करता था।
  • नीति आयोग नीति निर्माण में लचीलापन और सहयोग पर बल देता है, न कि नियंत्रण पर।

निष्कर्ष (Conclusion):

नीति आयोग ने विकास प्रक्रिया को केंद्रीकृत से विकेन्द्रीकृत बनाया है। यह नए भारत की नीति प्रणाली को अधिक सहभागी, गतिशील और नवोन्मेषी दिशा प्रदान करता है।

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“Concealment of Information impedes public access and involvement”. In the light of this statement discuss the importance of information sharing and transparency in Government. [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-4

“सूचना का छिपाव सार्वजनिक पहुंच और भागीदारी को बाधित करता है।”, – इस कथन के आलोक में सरकार में सूचना साझा करने और पारदर्शिता के महत्व पर चर्चा करें।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

लोकतांत्रिक शासन में नागरिकों का शासन प्रक्रियाओं में सहभागिता अधिकार है। सूचना का छिपाव इस सहभागिता को सीमित कर देता है और शासन में अविश्वास पैदा करता है। इसलिए सरकार में सूचना साझा करना और पारदर्शिता लोकतंत्र की आत्मा मानी जाती है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • सूचना का अधिकार (RTI) नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली पर निगरानी का अवसर देता है।
  • पारदर्शिता जवाबदेही और जिम्मेदारी की भावना को सशक्त बनाती है।
  • सूचना साझा करने से भ्रष्टाचार, पक्षपात और कुप्रशासन में कमी आती है।
  • यह जनता को नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
  • खुली सूचना व्यवस्था जनविश्वास और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाती है।
  • मीडिया और सिविल सोसाइटी को शासन की समीक्षा और सुधार में सहायक बनाती है।
  • पारदर्शी शासन से सरकार की वैधता और नैतिक आधार मजबूत होता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

अतः सूचना साझा करना और पारदर्शिता सुशासन (Good Governance) के मूल तत्व हैं। इनसे ही नागरिकों और सरकार के बीच विश्वास, सहयोग और सहभागिता का वातावरण बनता है।

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Examine state government’s efforts, initiatives and policy directions in the medical and healthcare sphere with reference to Uttar Pradesh Health Policy 2018. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-5

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य नीति 2018 के संदर्भ में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों, पहलों और नीति निर्देशों का परीक्षण कीजिए।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य नीति 2018 राज्य में सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई थी। इस नीति का लक्ष्य सभी नागरिकों को समान स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना और प्राथमिक स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करना है। राज्य सरकार ने इस नीति के तहत चिकित्सा क्षेत्र में अनेक सुधारात्मक कदम और नवाचार अपनाए हैं।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • मुख्य उद्देश्य: ‘सबका स्वास्थ्य–सबके लिए स्वास्थ्य’ के लक्ष्य के अनुरूप सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) सुनिश्चित करना।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य ढाँचा सुदृढ़ीकरण: प्रत्येक ब्लॉक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) को सशक्त किया गया।
  • आयुष्मान भारत योजना का समन्वय: गरीब परिवारों को ₹5 लाख तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा प्रदान की गई।
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में कमी का प्रयास।
  • चिकित्सा शिक्षा में सुधार: नए मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों और पैरामेडिकल संस्थानों की स्थापना की गई।
  • ई-स्वास्थ्य पहल: ई-हॉस्पिटल, टेलीमेडिसिन और हेल्थ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार।
  • रोग नियंत्रण कार्यक्रम: टीबी, मलेरिया, डेंगू और कुपोषण जैसी बीमारियों के नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाए गए।
  • आपातकालीन चिकित्सा सेवा: 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं के माध्यम से त्वरित सहायता सुनिश्चित की गई।
  • जन-जागरूकता अभियान: ‘पोषण अभियान’, ‘स्वच्छता ही सेवा’ जैसे कार्यक्रमों से स्वास्थ्य व्यवहार में सुधार।
  • निजी क्षेत्र की भागीदारी: PPP (Public-Private Partnership) मॉडल के तहत निजी क्षेत्र को स्वास्थ्य ढाँचा सुदृढ़ करने में जोड़ा गया।
  • महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य: ‘मिशन शक्ति’ और किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण।
  • वित्तीय प्रबंधन: स्वास्थ्य बजट में वृद्धि और योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर बल।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य नीति 2018 ने राज्य के चिकित्सा और स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा दी है। इन पहलों ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच, गुणवत्ता और विश्वसनीयता को सशक्त बनाया है।

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Discuss the nature and objectives of the first Ayush University established in Uttar Pradesh. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-5

उत्तर प्रदेश में स्थापित प्रथम आयुष विश्वविद्यालय के स्वरूप और उद्देश्यों की विवेचना कीजिए।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

भारत की परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य का प्रथम आयुष विश्वविद्यालय स्थापित किया है। यह विश्वविद्यालय आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी चिकित्सा प्रणालियों के समन्वित विकास हेतु समर्पित है। इसकी स्थापना से राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई दिशा प्राप्त हुई है।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • स्थापना वर्ष: उत्तर प्रदेश का प्रथम आयुष विश्वविद्यालय वर्ष 2020 में स्थापित किया गया।
  • नाम: विश्वविद्यालय का नाम है महाराज सुहेलदेव राज्य आयुष विश्वविद्यालय, जो भदोही (पूर्व में सिद्धार्थनगर) में स्थित है।
  • प्रमुख उद्देश्य: पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के अध्ययन, शोध और प्रसार को प्रोत्साहित करना।
  • आयुष पद्धतियों का एकीकरण: आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी की शिक्षा को एक मंच पर लाना।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: आयुष संस्थानों में उच्चस्तरीय पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और मानकीकरण सुनिश्चित करना।
  • अनुसंधान एवं नवाचार: पारंपरिक चिकित्सा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आधुनिक अनुसंधान को प्रोत्साहन।
  • स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराना।
  • जन-जागरूकता: प्राकृतिक उपचार और जीवनशैली सुधार के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना।
  • संस्थानिक संबद्धता: राज्य के सभी आयुष कॉलेजों और संस्थानों को इस विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया है।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: वैश्विक स्तर पर आयुष चिकित्सा की पहचान और प्रसार को बढ़ावा देना।
  • रोजगार सृजन: आयुष क्षेत्र में शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना।
  • सरकारी दृष्टिकोण: यह विश्वविद्यालय ‘स्वस्थ उत्तर प्रदेश, स्वस्थ भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

निष्कर्ष (Conclusion):

महाराज सुहेलदेव राज्य आयुष विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में पारंपरिक चिकित्सा के पुनर्जागरण का प्रतीक है। यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बना रहा है, बल्कि भारतीय चिकित्सा परंपरा को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित कर रहा है।

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Describe the role of Uttar Pradesh Police ‘Special Task Force’ in the prevention of the organized crime. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-5

संगठित अपराध को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ की भूमिका का वर्णन कीजिए।

Ans: प्रस्तावना (Introduction ):

उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध (Organized Crime) राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती रहा है। इसे नियंत्रित करने हेतु 1998 में उत्तर प्रदेश पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की स्थापना की गई। इस विशेष बल का उद्देश्य अपराधियों, माफिया गिरोहों और आतंकी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

मुख्य बिंदु (Main Points ):

  • स्थापना वर्ष: 1998 में राज्य सरकार द्वारा STF की स्थापना की गई थी।
  • मुख्य उद्देश्य: संगठित अपराध, आतंकवाद, फिरौती, अपहरण और तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर नियंत्रण।
  • विशेषीकृत बल: STF में प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और खुफिया कर्मी शामिल हैं।
  • खुफिया सूचना एकत्रण: अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी और सटीक खुफिया जानकारी एकत्र करना।
  • तकनीकी सहायता: आधुनिक संचार तकनीक, सॉफ्टवेयर ट्रैकिंग और साइबर निगरानी उपकरणों का उपयोग।
  • अंतर-जिला समन्वय: विभिन्न जिलों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग में कार्य करना
  • गैंगस्टर नियंत्रण: कुख्यात अपराधियों और माफिया गिरोहों के विरुद्ध संगठित अभियान चलाना।
  • आतंकी गतिविधियों पर नियंत्रण: आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी तत्वों की पहचान और गिरफ्तारी में भूमिका।
  • साइबर अपराध जांच: डिजिटल अपराधों और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की जाँच में विशेषज्ञता।
  • आपराधिक संपत्ति जब्ती: माफिया की अवैध संपत्तियों की पहचान और जब्ती के लिए कार्रवाई।
  • राजनीतिक-प्रशासनिक सहयोग: शासन के निर्देशानुसार कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग।
  • सफल अभियानों का उदाहरण: अतीक अहमद, विकास दुबे, मुख्तार अंसारी जैसे गिरोहों पर कार्रवाई STF की उल्लेखनीय उपलब्धि रही।

निष्कर्ष (Conclusion):

स्पेशल टास्क फोर्स ने उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध पर नियंत्रण और भयमुक्त वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसकी दक्षता और तकनीकी क्षमता ने राज्य की कानून-व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया है।

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Throw light on the e.District Project of Uttar Pradesh government. Is it a good initiative in the direction of E.governance in Uttar Pradesh? Examine. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-5

उत्तर प्रदेश सरकार की ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना पर प्रकाश डालें। क्या यह उत्तर प्रदेश में ई-गवर्नेन्स की दिशा में एक अच्छी पहल है? परीक्षण कीजिए।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

ई-डिस्ट्रिक्ट (e-District) परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्त्वपूर्ण ई-गवर्नेन्स पहल है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएँ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से ऑनलाइन उपलब्ध कराना है। यह परियोजना राज्य के डिजिटल प्रशासनिक ढाँचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्य बिंदु (Main Points):

  • परियोजना का शुभारंभ: उत्तर प्रदेश में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना 2010 में राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स योजना (NeGP) के अंतर्गत प्रारंभ हुई।
  • मुख्य उद्देश्य: नागरिक सेवाओं का डिजिटलीकरण और सेवा वितरण में पारदर्शिता लाना।
  • सेवाओं की संख्या: जन्म, मृत्यु, आय, जाति, निवास, चरित्र प्रमाणपत्र आदि 40 से अधिक सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध।
  • सिंगल पोर्टल व्यवस्था: नागरिकों को सभी प्रमाणपत्रों और सेवाओं के लिए एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
  • CSC एवं जनसेवा केंद्र: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने हेतु स्थापित।
  • सेवा वितरण समय: निर्धारित समय-सीमा में सेवाएँ उपलब्ध कराकर भ्रष्टाचार एवं देरी को कम किया गया।
  • डिजिटल सत्यापन: आवेदन और दस्तावेजों की ई-प्रमाणीकरण प्रणाली लागू की गई।
  • फीडबैक प्रणाली: नागरिक संतुष्टि हेतु ऑनलाइन ट्रैकिंग और शिकायत निवारण व्यवस्था।
  • डेटा सुरक्षा: नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा हेतु आधुनिक आईटी संरचना।
  • वित्तीय लेन-देन: सेवाओं के शुल्क का ऑनलाइन भुगतान संभव बनाया गया।
  • सरकारी दक्षता में वृद्धि: विभागीय समन्वय और फाइल प्रबंधन में तीव्रता आई।
  • डिजिटल साक्षरता में वृद्धि: ग्रामीण नागरिकों में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूकता बढ़ी।

परीक्षण (Evaluation):

ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना ने उत्तर प्रदेश में ई-गवर्नेन्स को मजबूत आधार प्रदान किया है। इससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, नागरिक सहभागिता और प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

निष्कर्ष (Conclusion):

ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश की डिजिटल प्रशासनिक क्षमता को बढ़ाती है, बल्कि नागरिक केंद्रित शासन का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। यह ई-गवर्नेन्स की दिशा में राज्य की एक सफल और प्रेरणादायक पहल साबित हुई है।

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How much has the ‘Operation Kayakalp’ been significant in the efforts of converting the primary and upper primary schools into model schools? Analyse. [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-5

प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मॉडल स्कूलों में बदलने के प्रयासों में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ कितना महत्वपूर्ण रहा है? विश्लेषण कीजिए ।

Ans: प्रस्तावना (Introduction ):

‘ऑपरेशन कायाकल्प’ उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों में परिवर्तित करना है। यह कार्यक्रम विद्यालयों के भौतिक, शैक्षिक और स्वच्छता संबंधी ढाँचे में व्यापक सुधार लाने पर केंद्रित है। इस पहल ने राज्य के बुनियादी शिक्षा ढांचे को नई दिशा प्रदान की है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

(1) बुनियादी सुविधाओं का विकास: स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, विद्युत व्यवस्था और फर्नीचर जैसी आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया गया।

(2) डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा: स्मार्ट क्लास, ई-कंटेंट और तकनीकी संसाधनों का उपयोग प्रोत्साहित किया गया।

(3) विद्यालय सौंदर्यीकरण: दीवार चित्रण, हरियाली और साफ-सफाई से विद्यालय वातावरण को आकर्षक बनाया गया।

(4) सामुदायिक सहभागिता: स्थानीय समुदाय, ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ी।

(5) छात्र उपस्थिति में सुधार: बेहतर सुविधाओं के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति और नामांकन में वृद्धि हुई।

(6) बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन: सुरक्षित और स्वच्छ माहौल से बालिकाओं की विद्यालय में भागीदारी बढ़ी।

(7) गुणवत्ता सुधार: शिक्षण-सामग्री और विद्यालय प्रबंधन में नवाचार से शिक्षण गुणवत्ता में सुधार हुआ।

निष्कर्ष (Conclusion):

‘ऑपरेशन कायाकल्प’ ने उत्तर प्रदेश के विद्यालयों को सुविधासंपन्न और आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह पहल न केवल भौतिक ढाँचे बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और समानता को भी सशक्त बनाती है।

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What are the key objectives of the Uttar Pradesh Data Centre Policy-2021? Discuss. [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-5

उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2021 के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं? विवेचना कीजिए ।

Ans:  प्रस्तावना (Introductio):

उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति–2021 राज्य की डिजिटल अवसंरचना को सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस नीति का उद्देश्य राज्य को “भारत का डाटा सेंटर हब” बनाना और डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देना है। यह नीति निवेश, रोजगार और ई-शासन के विकास को प्रोत्साहित करती है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

(1) डिजिटल अवसंरचना का विकास: राज्य में अत्याधुनिक डाटा सेंटर पार्कों की स्थापना को बढ़ावा देना।

(2) निवेश आकर्षण: निजी क्षेत्र और विदेशी निवेशकों को प्रोत्साहन देकर आईटी क्षेत्र में निवेश बढ़ाना।

(3) रोजगार सृजन: डाटा सेंटर और इससे संबंधित सेवाओं में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न करना।

(4) ई-गवर्नेंस को प्रोत्साहन: सरकारी डेटा के सुरक्षित भंडारण और प्रसंस्करण हेतु स्थानीय डाटा सुविधाएँ स्थापित करना।

(5) नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग: डाटा सेंटर संचालन में हरित ऊर्जा और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना।

(6) सुरक्षा और डेटा गोपनीयता: डेटा सुरक्षा के लिए उन्नत मानकों को लागू करना।

(7) निवेश प्रोत्साहन पैकेज: भूमि, बिजली, करों और बुनियादी ढाँचे में विशेष रियायतें प्रदान करना।

निष्कर्ष (Conclusion ): उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति–2021 राज्य को डिजिटल क्रांति का अग्रदूत बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।यह नीति तकनीकी आत्मनिर्भरता, निवेश वृद्धि और रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान करती है।

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Highlight the greater possibilities of tourism in Uttar Pradesh. [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-5

उत्तर प्रदेश में पर्यटन की वृहत्तर संभावनाओं पर प्रकाश डालिए ।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

उत्तर प्रदेश भारत का सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से समृद्ध राज्य है। यहाँ के विविध पर्यटन स्थलों में आध्यात्मिकता, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और वैश्विक पहचान को सशक्त बनाने की क्षमता रखता है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

(1) धार्मिक पर्यटन: काशी, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन और प्रयागराज जैसे तीर्थस्थल करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।

(2) ऐतिहासिक पर्यटन: आगरा का ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, झाँसी किला जैसे स्थलों से समृद्ध ऐतिहासिक विरासत झलकती है।

(3) सांस्कृतिक पर्यटन: वाराणसी के घाट, लोकनृत्य, संगीत और कुंभ जैसे आयोजन विश्व प्रसिद्ध हैं।

(4) पारिस्थितिक पर्यटन: दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और चंद्रप्रभा अभयारण्य प्राकृतिक पर्यटन को प्रोत्साहित करते हैं।

(5) आध्यात्मिक सर्किट विकास: रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट जैसी परियोजनाएँ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।

(6) आर्थिक योगदान: पर्यटन से राज्य के राजस्व और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

(7) चुनौतियाँ: आधारभूत संरचना, स्वच्छता और सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

पर्यटन उत्तर प्रदेश की आर्थिक उन्नति और सांस्कृतिक प्रसार का प्रभावी माध्यम है। सुव्यवस्थित प्रबंधन और प्रचार के माध्यम से राज्य विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बन सकता है।

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Describe the major stages in the formulation of Gram Panchayat Development Plan (GPDP) in Uttar Pradesh. [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-5

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत विकास योजना (जी.पी.डी.पी.) के निर्माण के प्रमुख चरणों का वर्णन कीजिए ।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

ग्राम पंचायत विकास योजना (Gram Panchayat Development Plan – GPDP) ग्रामीण विकास का एक सहभागी एवं विकेन्द्रीकृत मॉडल है। यह योजना संविधान के 73वें संशोधन और पंचायती राज व्यवस्था की भावना पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की योजना बनाना है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

(1) स्थिति विश्लेषण (Situation Analysis): ग्राम की सामाजिक, आर्थिक और भौतिक स्थिति का सर्वेक्षण किया जाता है।

(2) ग्राम सभा का आयोजन: ग्रामवासियों की भागीदारी से प्राथमिक आवश्यकताओं और समस्याओं की पहचान की जाती है।

(3) संसाधनों का आकलन: स्थानीय, राज्य और केंद्र स्तर पर उपलब्ध वित्तीय व भौतिक संसाधनों का निर्धारण किया जाता है।

(4) प्राथमिकता निर्धारण: ग्रामसभा द्वारा समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रमबद्ध किया जाता है।

(5) योजना निर्माण: प्रत्येक क्षेत्र (शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, स्वच्छता, कृषि आदि) के लिए ठोस योजनाएँ बनाई जाती हैं।

(6) अनुमोदन और समन्वय: ग्राम पंचायत द्वारा तैयार योजना को ब्लॉक व जिला स्तर पर अनुमोदित किया जाता है।

(7) कार्यान्वयन एवं मूल्यांकन: स्वीकृत योजना के अनुसार कार्य संपन्न किए जाते हैं और समय-समय पर निगरानी की जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion ):

जी.पी.डी.पी. ग्रामीण विकास को स्थानीय जरूरतों से जोड़कर सहभागी शासन को सशक्त बनाती है। यह योजना “गाँव की योजना, गाँव के लोग” की अवधारणा को साकार करती है।

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