Governance

Home Governance

Introduce the major welfare schemes in the Uttar Pradesh State Budget 2025-26. (12 Marks) UPPCS Mains 2024 GS-6

0

उत्तर प्रदेश राज्य के बजट 2025-26 में प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का परिचय दीजिये ।

Ans: परिचय (Introduction):

 उत्तर प्रदेश सरकार का बजट 2025–26 “समग्र विकास और सबका कल्याण” के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें समाज के कमजोर वर्गों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह बजट राज्य को आत्मनिर्भर और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करता है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना – किसानों व भूमिधरों को आकस्मिक मृत्यु या अपंगता पर आर्थिक सहायता।
  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना – बालिकाओं की शिक्षा और संरक्षण हेतु वित्तीय सहायता।
  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना – गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता।
  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना – युवाओं को उद्यमिता व स्वरोजगार हेतु ऋण सुविधा।
  • मुख्यमंत्री युवा हब योजना – नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने हेतु सहायता।
  • मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना – महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और कौशल विकास पर केंद्रित।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण/शहरी) – गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराने हेतु।
  • मुख्यमंत्री फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना – छात्रों और युवाओं को डिजिटल सशक्तिकरण हेतु।
  • मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना – गरीबों को सस्ती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
  • मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन – ग्रामीण घरों तक नल से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना।
  • मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा योजना – नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन।
  • मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना – निर्धन परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा सुविधा।

निष्कर्ष (Conclusion): बजट 2025–26 की कल्याणकारी योजनाएँ समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का प्रयास हैं। ये योजनाएँ प्रदेश के समावेशी विकास और सामाजिक न्याय को सशक्त बनाती हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Discuss the role of Uttar Pradesh Public Service Commission and explain the challenges before it for independent and impartial selection of public servants. (12 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भूमिका और लोक सेवकों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चयन के लिए उसके समक्ष चुनौतियों पर चर्चा कीजिए ।

Ans:  परिचय (Introduction):

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC – Uttar Pradesh Public Service Commission) राज्य सरकार की एक संवैधानिक संस्था है। इसका मुख्य कार्य राज्य सेवाओं के लिए योग्य, निष्पक्ष और सक्षम अभ्यर्थियों का चयन करना है। आयोग राज्य प्रशासन की दक्षता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्य बिंदु:

• UPPSC की स्थापना 1 अप्रैल 1937 को की गई थी।

• इसका उद्देश्य योग्यता आधारित (Merit-based) चयन प्रक्रिया के माध्यम से लोक सेवकों की भर्ती करना है।

• आयोग राज्य सिविल सेवा, पुलिस, शिक्षा, और अन्य विभागों की परीक्षाएँ आयोजित करता है।

• यह परीक्षाओं की योजना, प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन और साक्षात्कार प्रक्रिया का संचालन करता है।

• पारदर्शिता और निष्पक्षता आयोग की कार्यप्रणाली के प्रमुख सिद्धांत हैं।

• आयोग के सुझावों के आधार पर सरकार भर्ती नीतियों में सुधार करती है।

• चुनौतियों में परीक्षा परिणामों में देरी और पारदर्शिता पर उठते सवाल शामिल हैं।

• पेपर लीक जैसी घटनाएँ आयोग की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं।

• राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप इसकी स्वतंत्रता के लिए चुनौती हैं।

• आधुनिक तकनीक और ई-गवर्नेंस के अभाव में प्रक्रियाएँ कभी-कभी धीमी रहती हैं।

• अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या के कारण निष्पादन क्षमता पर दबाव बढ़ा है।

• डिजिटल परीक्षा प्रणाली और पारदर्शी मूल्यांकन से आयोग की विश्वसनीयता पुनर्स्थापित हो रही है।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग राज्य प्रशासन की रीढ़ है, जो योग्य अधिकारियों के चयन में अहम भूमिका निभाता है। यदि इसे पूर्ण स्वतंत्रता और तकनीकी सुदृढ़ता दी जाए, तो यह और अधिक निष्पक्ष व प्रभावी बन सकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Discuss the role of ‘Smart City’ for better living conditions of the people of Uttar Pradesh. (Marks-8) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश में लोगों के बेहतर जीवन स्तर के लिए ‘स्मार्ट सिटी’ की भूमिका की विवेचना कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction) –

 उत्तर प्रदेश में बढ़ती शहरी जनसंख्या के साथ बेहतर जीवन स्तर और सुविधाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। इस दिशा में स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) ने आधुनिक तकनीक, सुशासन और सतत विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया है। इसका उद्देश्य शहरों को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा जैसे प्रमुख शहर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल हैं।
  • मिशन का लक्ष्य डिजिटल प्रशासन और ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाना है।
  • स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और सर्विलांस सिस्टम से सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में सुधार हुआ।
  • कचरा प्रबंधन, स्वच्छ जल और हरित क्षेत्र के विस्तार पर जोर दिया गया है।
  • स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स और सोलर एनर्जी से ऊर्जा दक्षता में वृद्धि हुई।
  • स्टार्टअप और आईटी हब को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
  • नागरिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए सिटीजन फीडबैक पोर्टल और मोबाइल ऐप्स लागू किए गए हैं।

निष्कर्ष (Conclusion) –

 स्मार्ट सिटी मिशन ने उत्तर प्रदेश के शहरों में शहरी जीवन को आधुनिक दिशा दी है। यदि इन परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा, तो यह नागरिकों के जीवन स्तर को स्थायी रूप से बेहतर बना सकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Discuss the impacts of Globalisation on Indian Society. [Marks-8] UPPCS Mains 2024 GS-1

0

भारतीय समाज पर वैश्वीकरण के प्रभावों की चर्चा कीजिए ।

Ans: प्रस्तावना:

वैश्वीकरण (Globalization) का अर्थ है — विश्व के देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी एकीकरण की प्रक्रिया। 1991 के आर्थिक उदारीकरण (Liberalization) के बाद भारत में वैश्वीकरण ने तीव्र गति से प्रभाव डाला। इसने भारतीय समाज के अनेक आयामों को परिवर्तित किया।

मुख्य प्रभाव:

  • आर्थिक प्रभाव: रोजगार के नए अवसर बढ़े, परंतु असमानता भी बढ़ी।
  • सांस्कृतिक प्रभाव: पश्चिमी जीवनशैली, पहनावा और उपभोक्तावाद का प्रसार हुआ।
  • शैक्षिक प्रभाव: तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार हुआ।
  • संचार क्रांति: इंटरनेट और मोबाइल ने सामाजिक जुड़ाव और जानकारी का प्रसार बढ़ाया।
  • महिलाओं की स्थिति: शिक्षा और रोजगार में अवसर बढ़े, परंतु सांस्कृतिक द्वंद्व भी उभरा।
  • पर्यावरणीय प्रभाव: औद्योगिकीकरण और उपभोग ने पर्यावरणीय संकट बढ़ाया।
  • परिवार संरचना: संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवारों का चलन बढ़ा।

उपसंहार:

वैश्वीकरण ने भारतीय समाज को आधुनिक और विश्व से जुड़ा बनाया, परंतु इसके साथ सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुईं। अतः आवश्यक है कि भारत अपने मूल मूल्यों को बनाए रखते हुए वैश्वीकरण का संतुलित उपयोग करे।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Organised crime and terrorism are grave challenges to national security. What arrangements have been made in Uttar Pradesh to counter this? Explain. (12 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

संगठित अपराध एवं आतंकवाद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियाँ हैं । इनका प्रतिकार करने के लिए उत्तर प्रदेश में क्या प्रबंधन किया गया है ? स्पष्ट कीजिए ।

Ans: परिचय (Introduction):

संगठित अपराध (Organized Crime) और आतंकवाद (Terrorism) आज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश, अपनी भौगोलिक स्थिति और घनी आबादी के कारण, इन अपराधों से विशेष रूप से प्रभावित रहा है। राज्य सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए बहुआयामी सुरक्षा एवं कानूनी प्रबंधन विकसित किया है।

मुख्य बिंदु:

• राज्य में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स एंड एंटी सोशल एक्टिविटीज़ (UP Gangsters Act) के तहत अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाती है।

• राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) का प्रयोग देश विरोधी गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु किया जाता है।

• आतंकवाद-निरोधी बल (Anti-Terror Squad – ATS) को विशेष प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक से सशक्त किया गया है।

• साइबर अपराधों से निपटने हेतु Cyber Crime Police Stations सभी जोनों में स्थापित किए गए हैं।

• खुफिया विभाग (Intelligence Department) को आधुनिक सर्विलांस उपकरणों से लैस किया गया है।

• डायल 112 और आई-खोज पोर्टल जैसी पहलें त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करती हैं।

• सीमा और संवेदनशील जिलों में पुलिस चौकियाँ और चेकपोस्ट बढ़ाई गई हैं।

• अपराधियों की संपत्ति जब्ती और अवैध गिरोहों पर आर्थिक प्रहार की नीति अपनाई गई है।

• अंतरराज्यीय अपराध नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों से समन्वय बढ़ाया गया है।

• सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को सतर्कता अभियान में जोड़ा गया है।

• पुलिस बल में आधुनिक हथियार, ड्रोन और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का प्रयोग बढ़ाया गया है।

• न्यायिक तंत्र में विशेष न्यायालयों की स्थापना से मामलों के शीघ्र निपटान पर बल दिया जा रहा है।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश सरकार ने संगठित अपराध और आतंकवाद से निपटने के लिए सशक्त कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक ढाँचा विकसित किया है। इन उपायों से राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और जनविश्वास दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

What challenges is the Government facing in the implementing of welfare schemes for the most vulnerable sections? [Marks-12] UPPCS Mains 2024 GS-2

0

अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सरकार को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है ?

Ans: परिचय (Introduction):

भारत में सरकार द्वारा अति संवेदनशील वर्गों (Vulnerable Sections) — जैसे निर्धन, अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांग व वृद्धजन — के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को साकार करना है। किन्तु इनके प्रभावी क्रियान्वयन में सरकार को अनेक संरचनात्मक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

मुख्य बिंदु ( Important Points):

  • लाभार्थियों की सटीक पहचान (Identification of beneficiaries) में कठिनाई बनी रहती है।
  • योजनाओं का क्रियान्वयन कई विभागों में बिखरा होने से समन्वय की कमी होती है।
  • भ्रष्टाचार, दलाली व लीकेज (Leakage) से वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ नहीं पहुँचता।
  • आधार, बैंक खाता व डिजिटल साक्षरता की कमी से कई लोग योजनाओं से वंचित रहते हैं।
  • ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में अवसंरचना (Infrastructure) की कमी वितरण को बाधित करती है।
  • लाभार्थियों में योजना की जानकारी व जागरूकता का अभाव है।
  • योजनाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप पारदर्शिता को प्रभावित करता है।
  • निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली (Monitoring & Evaluation) पर्याप्त प्रभावी नहीं है।
  • डेटा प्रबंधन और वास्तविक समय पर ट्रैकिंग की सीमाएँ हैं।
  • सामाजिक भेदभाव और जातीय पूर्वाग्रह योजनाओं के निष्पक्ष क्रियान्वयन में बाधक बनते हैं।
  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय का अभाव संसाधनों के अपव्यय को बढ़ाता है।
  • बजटीय सीमाएँ और विलंबित फंड रिलीज़ भी बड़ी चुनौती हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

सरकार को योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सामाजिक भागीदारी को सशक्त करना होगा। केवल यही उपाय अति संवेदनशील वर्गों को सच्चे अर्थों में विकास की मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

What are the policies and programmes of the Government of Uttar Pradesh to promote MSMEs? [8 Marks] UPPCS Mains 2024 GS-6

0

एम एस एम ई को बढ़ावा देने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियाँ तथा कार्यक्रम क्या हैं?

Ans:    परिचय:

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ अपनाई हैं। इनका उद्देश्य रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों का विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है।

मुख्य बिंदु:

  • MSME नीति 2022 से निवेश को आकर्षित कर उद्यम स्थापना को सरल बनाया गया।
  • एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना से पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान मिली।
  • समर्थ योजना के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोज़गार को बढ़ावा।
  • क्लस्टर विकास कार्यक्रम से MSME इकाइयों को सामूहिक तकनीकी सहायता।
  • आत्मनिर्भर रोजगार योजना से लघु उद्यमों को ऋण व पूंजी सहायता।
  • सिंगल विंडो पोर्टल से पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया सरल हुई।
  • औद्योगिक गलियारे MSME निवेश को नई दिशा दे रहे हैं।

निष्कर्ष: इन योजनाओं से उत्तर प्रदेश में उद्यमिता और रोजगार दोनों में वृद्धि हुई है। MSME अब राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार बन चुका है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Analyse the problems related to Non-Governmental Organisations (NGOs) in Uttar Pradesh. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश में गैर-सरकारी संगठनों से संबंधित समस्याओं का विश्लेषण कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction)

 ग़ैर-सरकारी संगठन (NGOs) उत्तर प्रदेश में सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परंतु इनके संचालन में कई व्यावहारिक और नीतिगत चुनौतियाँ सामने आती हैं, जो इनके प्रभाव को सीमित करती हैं।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से जनता का विश्वास कमजोर होता है।
  • कई एनजीओ केवल धन प्राप्ति के उद्देश्य से संचालित होते हैं।
  • सरकारी पंजीकरण और विनियमन प्रक्रिया जटिल और धीमी है।
  • वित्तीय संसाधनों की कमी और अनियमित फंडिंग से कार्य रुक जाते हैं।
  • राजनीतिक और नौकरशाही हस्तक्षेप इनकी स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी कार्यकुशलता घटाती है।
  • समान कार्य करने वाले संगठनों में समन्वय की कमी से दोहराव और अपव्यय होता है।

निष्कर्ष (Conclusion) – यदि पारदर्शिता, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग में सुधार किया जाए, तो एनजीओ राज्य के विकास में सशक्त भागीदार बन सकते हैं। प्रभावी निगरानी और समन्वय से इनकी कार्यक्षमता और सामाजिक योगदान बढ़ाया जा सकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Examine the challenges of food security in Uttar Pradesh. (12 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

0

उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों का परीक्षण कीजिए ।

Ans: परिचय (Introduction):

खाद्य सुरक्षा (Food Security) का अर्थ है — प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त, पौष्टिक और सुरक्षित भोजन सुलभ कराना। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और जनसंख्या-बहुल राज्य में यह एक बड़ी नीतिगत चुनौती बनी हुई है। कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद यहाँ खाद्य वितरण, पोषण और भंडारण से जुड़ी कई समस्याएँ विद्यमान हैं।

मुख्य बिंदु:

• राज्य की बड़ी जनसंख्या (25 करोड़+) पर पर्याप्त खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण है।

• ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी और बेरोजगारी के कारण पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सीमित रहती है।

• सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में अनियमितता और भ्रष्टाचार प्रमुख समस्या है।

• खाद्यान्न भंडारण क्षमता की कमी से बड़ी मात्रा में अनाज नष्ट हो जाता है।

• कुपोषण (Malnutrition) की दर विशेषकर महिलाओं और बच्चों में अभी भी अधिक है।

• जलवायु परिवर्तन और सूखे की घटनाएँ कृषि उत्पादन को प्रभावित करती हैं।

• लघु और सीमांत किसानों की आय कम होने से उत्पादन क्षमता घटती है।

• सिंचाई सुविधाओं और कृषि तकनीक में असमानता से क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होता है।

• खाद्यान्न के वितरण में डिजिटल कार्ड और बायोमेट्रिक प्रणाली का कार्यान्वयन अभी पूर्ण नहीं हुआ है।

• शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि और पलायन से खाद्य मांग असंतुलित होती है।

• पोषण योजनाएँ (जैसे आंगनवाड़ी, मिड-डे मील) कई बार गुणवत्ताहीन भोजन से ग्रसित हैं।

• कोविड-19 काल में खाद्य आपूर्ति शृंखला की कमजोरियाँ स्पष्ट रूप से सामने आईं।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि सुधार, पारदर्शी वितरण प्रणाली और पोषण कार्यक्रमों की दक्षता आवश्यक है। यदि यह नीतिगत रूप से सुदृढ़ किया जाए, तो राज्य में “भोजन सबके लिए” का लक्ष्य साकार हो सकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Critically analyse the extent to which infrastructural development in Uttar Pradesh has contributed to economic diversification and regional equity. [8 Marks] UPPCS Mains 2024 GS-6

0

उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढाँचे के विकास ने आर्थिक विविधीकरण और क्षेत्रीय समानता में किस हद तक योगदान दिया है, इसका आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये।

Ans:  परिचय:

उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में सड़क, परिवहन, ऊर्जा और औद्योगिक गलियारे जैसे बुनियादी ढाँचे के तेज विकास ने राज्य की आर्थिक दिशा बदली है। इससे निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हुए हैं। परंतु इसका लाभ सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं पहुँचा है।

मुख्य बिंदु:

  • पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में विकास असमान रहा है।
  • एक्सप्रेसवे परियोजनाओं ने औद्योगिक क्षेत्रों को नई गति दी है।
  • विद्युत आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स सुधार से उद्योगों की उत्पादकता बढ़ी।
  • शहरी बुनियादी ढाँचा सशक्त हुआ, पर ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ापन है।
  • औद्योगिक गलियारे ने MSME और बड़े उद्योगों को जोड़ने का अवसर दिया।
  • डिजिटल और शिक्षा अवसंरचना ने सेवा क्षेत्र को गति दी।
  • फिर भी क्षेत्रीय असमानता और रोजगार असंतुलन अभी भी चुनौती बने हुए हैं।

निष्कर्ष: बुनियादी ढाँचे के विकास से यूपी में आर्थिक विविधीकरण बढ़ा है, पर समान क्षेत्रीय विकास के लिए संतुलित नीति की अब भी आवश्यकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Popular Posts

My Favorites

What is digital arrest ? Which are the States most effected...

0
डिजिटल अरेस्ट क्या है ? विगत तीन वर्षों में भारत में डिजिटल अरेस्ट की समस्या से सर्वाधिक प्रभावित राज्य कौन-से हैं ? इस दिशा...