Governance, Schemes and Welfare

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Organised crime and terrorism are grave challenges to national security. What arrangements have been made in Uttar Pradesh to counter this? Explain. (12 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

संगठित अपराध एवं आतंकवाद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियाँ हैं । इनका प्रतिकार करने के लिए उत्तर प्रदेश में क्या प्रबंधन किया गया है ? स्पष्ट कीजिए ।

Ans: परिचय (Introduction):

संगठित अपराध (Organized Crime) और आतंकवाद (Terrorism) आज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश, अपनी भौगोलिक स्थिति और घनी आबादी के कारण, इन अपराधों से विशेष रूप से प्रभावित रहा है। राज्य सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए बहुआयामी सुरक्षा एवं कानूनी प्रबंधन विकसित किया है।

मुख्य बिंदु:

• राज्य में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स एंड एंटी सोशल एक्टिविटीज़ (UP Gangsters Act) के तहत अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाती है।

• राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) का प्रयोग देश विरोधी गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु किया जाता है।

• आतंकवाद-निरोधी बल (Anti-Terror Squad – ATS) को विशेष प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक से सशक्त किया गया है।

• साइबर अपराधों से निपटने हेतु Cyber Crime Police Stations सभी जोनों में स्थापित किए गए हैं।

• खुफिया विभाग (Intelligence Department) को आधुनिक सर्विलांस उपकरणों से लैस किया गया है।

• डायल 112 और आई-खोज पोर्टल जैसी पहलें त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करती हैं।

• सीमा और संवेदनशील जिलों में पुलिस चौकियाँ और चेकपोस्ट बढ़ाई गई हैं।

• अपराधियों की संपत्ति जब्ती और अवैध गिरोहों पर आर्थिक प्रहार की नीति अपनाई गई है।

• अंतरराज्यीय अपराध नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों से समन्वय बढ़ाया गया है।

• सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को सतर्कता अभियान में जोड़ा गया है।

• पुलिस बल में आधुनिक हथियार, ड्रोन और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का प्रयोग बढ़ाया गया है।

• न्यायिक तंत्र में विशेष न्यायालयों की स्थापना से मामलों के शीघ्र निपटान पर बल दिया जा रहा है।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश सरकार ने संगठित अपराध और आतंकवाद से निपटने के लिए सशक्त कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक ढाँचा विकसित किया है। इन उपायों से राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और जनविश्वास दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

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Discuss the role of Uttar Pradesh Public Service Commission and explain the challenges before it for independent and impartial selection of public servants. (12 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भूमिका और लोक सेवकों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चयन के लिए उसके समक्ष चुनौतियों पर चर्चा कीजिए ।

Ans:  परिचय (Introduction):

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC – Uttar Pradesh Public Service Commission) राज्य सरकार की एक संवैधानिक संस्था है। इसका मुख्य कार्य राज्य सेवाओं के लिए योग्य, निष्पक्ष और सक्षम अभ्यर्थियों का चयन करना है। आयोग राज्य प्रशासन की दक्षता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्य बिंदु:

• UPPSC की स्थापना 1 अप्रैल 1937 को की गई थी।

• इसका उद्देश्य योग्यता आधारित (Merit-based) चयन प्रक्रिया के माध्यम से लोक सेवकों की भर्ती करना है।

• आयोग राज्य सिविल सेवा, पुलिस, शिक्षा, और अन्य विभागों की परीक्षाएँ आयोजित करता है।

• यह परीक्षाओं की योजना, प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन और साक्षात्कार प्रक्रिया का संचालन करता है।

• पारदर्शिता और निष्पक्षता आयोग की कार्यप्रणाली के प्रमुख सिद्धांत हैं।

• आयोग के सुझावों के आधार पर सरकार भर्ती नीतियों में सुधार करती है।

• चुनौतियों में परीक्षा परिणामों में देरी और पारदर्शिता पर उठते सवाल शामिल हैं।

• पेपर लीक जैसी घटनाएँ आयोग की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं।

• राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप इसकी स्वतंत्रता के लिए चुनौती हैं।

• आधुनिक तकनीक और ई-गवर्नेंस के अभाव में प्रक्रियाएँ कभी-कभी धीमी रहती हैं।

• अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या के कारण निष्पादन क्षमता पर दबाव बढ़ा है।

• डिजिटल परीक्षा प्रणाली और पारदर्शी मूल्यांकन से आयोग की विश्वसनीयता पुनर्स्थापित हो रही है।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग राज्य प्रशासन की रीढ़ है, जो योग्य अधिकारियों के चयन में अहम भूमिका निभाता है। यदि इसे पूर्ण स्वतंत्रता और तकनीकी सुदृढ़ता दी जाए, तो यह और अधिक निष्पक्ष व प्रभावी बन सकता है।

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“Panchayati Raj System has long success stories in Uttar Pradesh.” Corroborate with suitable examples. (12 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

“उत्तर प्रदेश में पंचायती राज प्रणाली की सफलता की लंबी कहानियाँ हैं ।” उपयुक्त उदाहरणों से इसकी पुष्टि कीजिए ।

Ans: परिचय (Introduction):

पंचायती राज प्रणाली (Panchayati Raj System) भारत के ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला है। उत्तर प्रदेश में यह प्रणाली स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम बनी है। इससे ग्रामीण विकास, पारदर्शिता और जनसहभागिता को नई दिशा मिली है।

मुख्य बिंदु:

• 73वें संविधान संशोधन (1992) के बाद उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लागू की गई।

• ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत तीनों स्तरों पर जनप्रतिनिधि चुने जाते हैं।

• राज्य में लगभग 58,000 ग्राम पंचायतें ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ हैं।

• पंचायतों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क निर्माण जैसी जिम्मेदारियाँ दी गई हैं।

• स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

• कई पंचायतों ने डिजिटल शासन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं — जैसे “ई-गवर्नेंस ग्राम” मॉडल।

• महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण ने स्थानीय नेतृत्व में बड़ा परिवर्तन लाया।

• शाहजहाँपुर, बहराइच और बाराबंकी जिलों की पंचायतों ने सामुदायिक स्वास्थ्य व जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य किए हैं।

• ग्राम निधि और जनसहयोग से पंचायतें आत्मनिर्भर बन रही हैं।

• पंचायत चुनावों ने ग्रामीण नागरिकों में राजनीतिक चेतना को प्रबल किया।

• सामाजिक न्याय और हाशिए के वर्गों की भागीदारी में वृद्धि हुई है।

• पंचायतें स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान करने में सफल रही हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश की पंचायती राज प्रणाली ने लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक पहुँचाया है। यह जनसहभागिता, स्वावलंबन और ग्रामीण विकास का जीवंत उदाहरण बन चुकी है।

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Discuss the role of ‘Smart City’ for better living conditions of the people of Uttar Pradesh. (Marks-8) UPPCS Mains 2024 GS-5

उत्तर प्रदेश में लोगों के बेहतर जीवन स्तर के लिए ‘स्मार्ट सिटी’ की भूमिका की विवेचना कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction) –

 उत्तर प्रदेश में बढ़ती शहरी जनसंख्या के साथ बेहतर जीवन स्तर और सुविधाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। इस दिशा में स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) ने आधुनिक तकनीक, सुशासन और सतत विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया है। इसका उद्देश्य शहरों को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा जैसे प्रमुख शहर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल हैं।
  • मिशन का लक्ष्य डिजिटल प्रशासन और ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाना है।
  • स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और सर्विलांस सिस्टम से सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में सुधार हुआ।
  • कचरा प्रबंधन, स्वच्छ जल और हरित क्षेत्र के विस्तार पर जोर दिया गया है।
  • स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स और सोलर एनर्जी से ऊर्जा दक्षता में वृद्धि हुई।
  • स्टार्टअप और आईटी हब को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
  • नागरिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए सिटीजन फीडबैक पोर्टल और मोबाइल ऐप्स लागू किए गए हैं।

निष्कर्ष (Conclusion) –

 स्मार्ट सिटी मिशन ने उत्तर प्रदेश के शहरों में शहरी जीवन को आधुनिक दिशा दी है। यदि इन परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा, तो यह नागरिकों के जीवन स्तर को स्थायी रूप से बेहतर बना सकता है।

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Analyse the problems related to Non-Governmental Organisations (NGOs) in Uttar Pradesh. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

उत्तर प्रदेश में गैर-सरकारी संगठनों से संबंधित समस्याओं का विश्लेषण कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction)

 ग़ैर-सरकारी संगठन (NGOs) उत्तर प्रदेश में सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परंतु इनके संचालन में कई व्यावहारिक और नीतिगत चुनौतियाँ सामने आती हैं, जो इनके प्रभाव को सीमित करती हैं।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से जनता का विश्वास कमजोर होता है।
  • कई एनजीओ केवल धन प्राप्ति के उद्देश्य से संचालित होते हैं।
  • सरकारी पंजीकरण और विनियमन प्रक्रिया जटिल और धीमी है।
  • वित्तीय संसाधनों की कमी और अनियमित फंडिंग से कार्य रुक जाते हैं।
  • राजनीतिक और नौकरशाही हस्तक्षेप इनकी स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी कार्यकुशलता घटाती है।
  • समान कार्य करने वाले संगठनों में समन्वय की कमी से दोहराव और अपव्यय होता है।

निष्कर्ष (Conclusion) – यदि पारदर्शिता, प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग में सुधार किया जाए, तो एनजीओ राज्य के विकास में सशक्त भागीदार बन सकते हैं। प्रभावी निगरानी और समन्वय से इनकी कार्यक्षमता और सामाजिक योगदान बढ़ाया जा सकता है।

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Critically explain the efforts of the State Government towards strengthening the health infrastructure in Uttar Pradesh. (8 marks) UPPCS Mains 2024 GS-5

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए।

Ans: परिचय (Introduction) –

 उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य ढाँचा लंबे समय से असमान वितरण और संसाधनों की कमी से जूझता रहा है। राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। फिर भी, इन प्रयासों की प्रभावशीलता मिश्रित परिणाम दिखाती है।

मुख्य बिंदु (Important Points) –

  • मुख्यमंत्री आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा दी गई।
  • ई–संजय और टेलीमेडिसिन जैसी डिजिटल स्वास्थ्य पहलें ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ा रही हैं।
  • जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध कर विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार किया गया।
  • मिशन शक्ति और जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से मातृ–शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • कोविड–19 के दौरान ऑक्सीजन संयंत्र और ICU बेड जैसी संरचनाएँ विकसित की गईं।
  • ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और नर्सों की कमी अभी भी प्रमुख चुनौती है।
  • स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी के बावजूद व्यवस्थापन और निगरानी की कमी बनी हुई है।

निष्कर्ष (Conclusion) –

सरकार के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के संकेत मिलते हैं, परन्तु गुणवत्ता, मानव संसाधन और ग्रामीण पहुँच में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। सतत निवेश और पारदर्शी प्रबंधन ही स्वास्थ्य ढाँचे को सशक्त बना सकते हैं।

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