UPPCS Mains

Home UPPCS Mains Page 11

Analyse the importance of minerals in industrial development of Bundelkhand region of Uttar Pradesh.[Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के औद्योगिक विकास में खनिजों के महत्व का विश्लेषण करें।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

उत्तर प्रदेश का बुन्देलखण्ड क्षेत्र (झांसी, महोबा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर आदि) खनिज संपदाओं से समृद्ध है। यह क्षेत्र राज्य के औद्योगिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ पाए जाने वाले खनिज अनेक उद्योगों की आधारशिला हैं। खनिज संसाधनों ने इस क्षेत्र में रोजगार, निवेश और आधारभूत संरचना के विकास को गति दी है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • ग्रेनाइट, बालू पत्थर और डोलोमाइट बुन्देलखण्ड के प्रमुख खनिज हैं, जिनका उपयोग निर्माण और सजावटी उद्योगों में होता है।
  • महोबा का ग्रेनाइट अपनी गुणवत्ता और चमक के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रसिद्ध है।
  • लाइमस्टोन (चूना पत्थर) से सीमेंट उद्योग को कच्चा माल प्राप्त होता है, जिससे क्षेत्र में सीमेंट उद्योग विकसित हुआ है।
  • फॉस्फोराइट और क्वार्ट्जाइट जैसे खनिजों से रासायनिक और ग्लास उद्योगों को बल मिला है।
  • बांदा और चित्रकूट में पाए जाने वाले बालू पत्थर (Sandstone) से भवन निर्माण और मूर्तिकला उद्योग को प्रोत्साहन मिला।
  • खनिज आधारित लघु उद्योगों (Stone cutting, polishing, tiles manufacturing) का विकास तेजी से हुआ है।
  • खनन गतिविधियों से स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
  • सड़क और परिवहन अवसंरचना में सुधार हुआ है ताकि खनिजों का परिवहन सुचारू रूप से हो सके।
  • खनिज निर्यात से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में पूंजी प्रवाह और औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिला।
  • खनिज नीति और पारदर्शी ई-नीलामी व्यवस्था ने निजी निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया।
  • खनन से पर्यावरणीय चुनौतियाँ जैसे भू-क्षरण और जल स्रोतों पर दबाव भी उत्पन्न हुए हैं, जिनके लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
  • भविष्य की संभावना: खनिज-आधारित औद्योगिक क्लस्टर और प्रोसेसिंग यूनिट्स से बुन्देलखण्ड को औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

बुन्देलखण्ड के खनिज न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था बल्कि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास के प्रमुख प्रेरक तत्व हैं। संतुलित खनन और पर्यावरणीय संरक्षण के साथ यह क्षेत्र राज्य के सतत औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बन सकता है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Explain the ecological importance of the Wildlife Sanctuaries in the Tarai region of Uttar Pradesh. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

0

उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र के वन्यजीव अभयारण्यों के पारिस्थितिक महत्व की व्याख्या करें।

Ans: प्रस्तावना (Introduction ):

उत्तर प्रदेश का तराई क्षेत्र राज्य के उत्तरी भाग में स्थित है, जो नेपाल की सीमा से लगा हुआ अत्यंत समृद्ध जैव-विविधता वाला क्षेत्र है। यहाँ के वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) न केवल दुर्लभ जीव-जंतुओं का आश्रय स्थल हैं, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इन अभयारण्यों का संरक्षण राज्य की पारिस्थितिकी, जल स्रोतों और जलवायु स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (लखीमपुर खीरी): बंगाल टाइगर, एक सींग वाले गैंडे और बारहसिंगा के संरक्षण का प्रमुख केंद्र।
  • कटारनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य (बहराइच): गंगा नदी की सहायक नदियों के किनारे स्थित, जलीय पारिस्थितिकी के संरक्षण में महत्वपूर्ण।
  • किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य: दुधवा टाइगर रिज़र्व का हिस्सा, जिसमें घासभूमि और दलदली क्षेत्रों की समृद्ध जैव विविधता है।
  • पीलीभीत टाइगर रिज़र्व: बाघों के प्राकृतिक निवास स्थल के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध।
  • तराई क्षेत्र के जंगल गंगा और घाघरा जैसी नदियों के जलस्रोतों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • दलदली क्षेत्र (Wetlands) यहाँ की जलवायु को संतुलित करते हैं और सूक्ष्म पारिस्थितिकी तंत्र को सहारा देते हैं।
  • मृदा संरक्षण: इन अभयारण्यों के वृक्ष आवरण से कटाव रुकता है और भू-जल पुनर्भरण होता है।
  • कार्बन सिंक के रूप में योगदान: तराई के वन कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करते हैं।
  • पक्षी विविधता: यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए शीतकालीन आश्रय स्थल के रूप में अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
  • स्थानीय समुदायों की आजीविका: ईको-टूरिज़्म और वनों पर आधारित उत्पादों से ग्रामीणों को रोजगार मिलता है।
  • जैविक संतुलन: शिकारी और शिकार प्रजातियों के सह-अस्तित्व से प्राकृतिक संतुलन बना रहता है।
  • संरक्षण की चुनौतियाँ: अवैध कटाई, मानव-वन्यजीव संघर्ष और बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएँ जैव विविधता के लिए खतरा हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

तराई क्षेत्र के वन्यजीव अभयारण्य उत्तर प्रदेश की पारिस्थितिक धरोहर हैं, जो जैव विविधता और जलवायु स्थिरता दोनों के लिए अनमोल हैं। इनका संरक्षण न केवल पर्यावरणीय सुरक्षा बल्कि मानव जीवन की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Present an account of the missions included in the State Action Plan on Climate Change in Uttar Pradesh. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

0

उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन पर राज्य कार्य योजना में शामिल मिशनों का विवरण प्रस्तुत करें।

Ans: प्रस्तावना (Introduction ):

जलवायु परिवर्तन (Climate Change) वर्तमान समय की सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती है, जिसका प्रभाव उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्यों पर विशेष रूप से देखा जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (State Action Plan on Climate Change – SAPCC) तैयार की है। इस योजना में विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष “मिशन आधारित रणनीतियाँ” अपनाई गई हैं, जिनका उद्देश्य पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास सुनिश्चित करना है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • सौर ऊर्जा मिशन: राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देकर जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाना।
  • कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मिशन: जलवायु-सहिष्णु फसलों, सूक्ष्म सिंचाई और मृदा संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा।
  • जल संसाधन मिशन: जल संरक्षण, पुनर्भरण और सिंचाई दक्षता सुधार के लिए योजनाएँ लागू की गईं।
  • वन एवं जैव विविधता मिशन: वृक्षारोपण, सामाजिक-वानिकी और वन आवरण बढ़ाने पर बल।
  • ऊर्जा दक्षता मिशन: उद्योगों, भवनों और परिवहन क्षेत्र में ऊर्जा दक्ष तकनीकों को प्रोत्साहन।
  • शहरी विकास मिशन: स्मार्ट सिटी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और हरित परिवहन को बढ़ावा।
  • स्वास्थ्य मिशन: जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न बीमारियों जैसे हीट स्ट्रोक और मलेरिया की रोकथाम हेतु नीति।
  • औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण मिशन: प्रदूषणकारी इकाइयों की निगरानी और स्वच्छ उत्पादन तकनीकों को प्रोत्साहन।
  • परिवहन मिशन: इलेक्ट्रिक वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और स्वच्छ ईंधनों को बढ़ावा।
  • जलवायु जागरूकता मिशन: विद्यालयों, कॉलेजों और पंचायतों में जन-जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन।
  • आपदा जोखिम न्यूनीकरण मिशन: बाढ़, सूखा और अत्यधिक वर्षा जैसी घटनाओं से निपटने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित।
  • अनुसंधान और नीति मिशन: जलवायु परिवर्तन पर अनुसंधान को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक नीति निर्माण का आधार तैयार।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश की जलवायु कार्य योजना राज्य को पर्यावरणीय संकटों से निपटने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण प्रदान करती है। इन मिशनों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य सतत विकास और जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) की दिशा में सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Outline the importance of the Meteorological Centre, Lucknow with reference to weather forecasts in Uttar Pradesh. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

0

उत्तर प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान के संदर्भ में मौसम विज्ञान केन्द्र, लखनऊ के महत्व को रेखांकित करें।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecasting) कृषि, आपदा प्रबंधन और जनजीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ (Meteorological Centre, Lucknow) भारतीय मौसम विभाग का प्रमुख क्षेत्रीय केंद्र है। यह केंद्र राज्य में सटीक मौसम पूर्वानुमान, चेतावनी प्रणाली और जलवायु विश्लेषण में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।

मुख्य बिंदु (12 Important Bullet Points):

  • स्थापना: यह केंद्र भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अधीन कार्य करता है और उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के मौसम डेटा का संकलन करता है।
  • सटीक मौसम पूर्वानुमान: तापमान, वर्षा, आर्द्रता और वायु गति जैसे तत्वों का वास्तविक समय में विश्लेषण करता है।
  • कृषि मौसम सेवा: किसानों के लिए साप्ताहिक पूर्वानुमान और फसल सलाह जारी की जाती है, जिससे कृषि निर्णयों में मदद मिलती है।
  • आपदा चेतावनी प्रणाली: बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि और शीतलहर जैसी प्राकृतिक घटनाओं की समय पर चेतावनी प्रदान करता है।
  • डॉप्लर वेदर रडार (DWR): लखनऊ में स्थापित आधुनिक रडार से वर्षा और तूफानों की सटीक निगरानी की जाती है।
  • राज्य सरकार के साथ समन्वय: आपदा प्रबंधन विभाग और कृषि विभाग को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है।
  • शहरी मौसम निगरानी: वायु गुणवत्ता और तापमान असंतुलन पर निगरानी रखकर नागरिकों को सचेत करता है।
  • जलवायु परिवर्तन अध्ययन: दीर्घकालिक जलवायु डेटा का विश्लेषण कर राज्य में बदलते मौसमी रुझानों की पहचान।
  • मौसम एप और SMS सेवाएँ: किसानों और नागरिकों को मोबाइल संदेशों के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान पहुँचाया जाता है।
  • एविएशन सेवाएँ: हवाई अड्डों को उड़ान सुरक्षा हेतु आवश्यक मौसम जानकारी प्रदान करता है।
  • शोध और प्रशिक्षण केंद्र: छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए मौसम संबंधी प्रशिक्षण और अध्ययन की सुविधा।
  • भविष्य की दिशा: कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उपग्रह आधारित डेटा से और अधिक सटीक पूर्वानुमान की दिशा में कार्य जारी है।

निष्कर्ष (Conclusion):

मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ उत्तर प्रदेश के मौसम पूर्वानुमान तंत्र का आधार स्तंभ है। यह न केवल कृषि और आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाता है, बल्कि राज्य की जलवायु नीति निर्माण में भी निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Critically analyse the current initiatives and future prospects for bio-energy development in Uttar Pradesh. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

उत्तर प्रदेश में जैव-ऊर्जा विकास के लिए वर्तमान पहलों और भविष्य की संभावनाओं का आलोचनात्मक विश्लेषण करें।

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

जैव-ऊर्जा (Bio-Energy) एक नवीकरणीय और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोत है, जो कृषि अपशिष्ट, गोबर और जैविक पदार्थों से प्राप्त होती है। उत्तर प्रदेश, जो कृषि प्रधान राज्य है, जैव-ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में उभर रहा है। राज्य सरकार ने इस क्षेत्र को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास से जोड़ने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • उत्तर प्रदेश जैव-ऊर्जा नीति 2022 लागू की गई, जिसका उद्देश्य जैव-गैस, बायो-सीएनजी और एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
  • कृषि अपशिष्ट एवं गोबर आधारित संयंत्रों की स्थापना हेतु निवेशकों को भूमि, कर रियायतें और पूंजी अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
  • एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी है — गन्ना मोलासेस और मक्का आधारित इकाइयों को प्रोत्साहन।
  • बायो-सीएनजी संयंत्रों की स्थापना लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और गाजियाबाद जैसे नगरों में की जा रही है।
  • कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर संचालित किया जा रहा है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा निवेश नीति के तहत विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ऑनलाइन सिंगल-विंडो सिस्टम लागू।
  • स्वच्छ भारत मिशन और गोबर-धन योजना के तहत ग्राम स्तर पर छोटे बायोगैस प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
  • किसानों को जैव-ऊर्जा फसलों जैसे गन्ना, मक्का और जट्रोफा की खेती के लिए प्रोत्साहन।
  • राज्य ऊर्जा विकास एजेंसी (UPNEDA) जैव-ऊर्जा परियोजनाओं की निगरानी और तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है।
  • शहरों के ठोस अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन हेतु “वेस्ट टू एनर्जी” परियोजनाओं को बढ़ावा।
  • भविष्य की रणनीति में 2030 तक 1000 मेगावाट जैव-ऊर्जा उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
  • चुनौतियाँ – तकनीकी लागत अधिक, अपशिष्ट संग्रहण की समस्या और निवेशकों के लिए व्यवहारिक कठिनाइयाँ अभी बनी हुई हैं।

निष्कर्ष (Conclusion):

जैव-ऊर्जा विकास से उत्तर प्रदेश को ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। हालाँकि, इसकी दीर्घकालिक सफलता के लिए तकनीकी नवाचार, वित्तीय समर्थन और ठोस नीति क्रियान्वयन आवश्यक हैं।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

Discuss the major facilities offered by Government of Uttar Pradesh for development of horticulture in the State. [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

0

राज्य में बागवानी के विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रमुख सुविधाओं पर चर्चा करें।

Ans: प्रस्तावना (Introduction ):

उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य होने के साथ-साथ बागवानी (Horticulture) के क्षेत्र में भी तेज़ी से प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार ने फल, सब्ज़ी, फूल, मसाला और औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों की आय दोगुनी करना और कृषि में विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है।

मुख्य बिंदु (Important Points):

  • राज्य बागवानी मिशन के तहत फल, फूल और सब्ज़ी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई उपकरणों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई गई है।
  • फलोद्यान विकास योजना के तहत आम, अमरूद, आंवला, नींबू आदि के बाग लगाने हेतु किसानों को अनुदान।
  • नर्सरी विकास कार्यक्रम के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री किसानों को सस्ती दरों पर उपलब्ध।
  • पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन के लिए कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन।
  • फूलों की खेती (Floriculture) को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष क्लस्टर क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
  • सब्ज़ी मिशन के माध्यम से उन्नत बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता किसानों को प्रदान की जा रही है।
  • कृषि एवं बागवानी मेलों के जरिए किसानों को नई तकनीकों और बाजार अवसरों की जानकारी दी जाती है।
  • फूड प्रोसेसिंग नीति 2023 के अंतर्गत बागवानी उत्पादों के प्रसंस्करण उद्योग को विशेष छूट दी गई।
  • फलों की विपणन श्रृंखला (Value Chain) विकसित करने के लिए मंडियों और किसान बाजारों को आधुनिक बनाया गया।
  • किसान प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से बागवानी तकनीक और प्रबंधन पर नियमित कार्यशालाएँ आयोजित।
  • एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत बागवानी आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जोड़ा गया।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश सरकार की बागवानी संबंधी पहलें कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएँ उत्पन्न कर रही हैं। इन सुविधाओं से किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती सुनिश्चित हो रही है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

What are the key initiatives and strategies undertaken by the Government of Uttar Pradesh to promote social-forestry in the State? [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

राज्य में सामाजिक-वानिकी को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई प्रमुख पहल और रणनीतियाँ क्या हैं?

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

सामाजिक-वानिकी (Social Forestry) का उद्देश्य वनों के बाहर वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और ग्रामीण समुदायों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में सामाजिक-वानिकी को जन आंदोलन का रूप देने के लिए कई नवाचारी पहलें की हैं। इन पहलों का लक्ष्य हरित आवरण (Green Cover) बढ़ाना, जलवायु संतुलन बनाए रखना और ग्रामीण आय में वृद्धि करना है।

मुख्य बिंदु:

  • वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत हर वर्ष करोड़ों पौधों का सामूहिक रोपण अभियान चलाया जाता है।
  • ‘एक पेड़ – मातृभूमि के नाम’ अभियान से आम जनता को वृक्षारोपण से जोड़ने की पहल।
  • नदी, तालाब और नहर किनारों पर सामाजिक-वानिकी योजना के अंतर्गत पौधारोपण को बढ़ावा।
  • प्रधानमंत्री हरित भारत मिशन व राष्ट्रीय हरित आवरण योजना से समन्वय स्थापित किया गया।
  • पंचायती भूमि, स्कूल और ग्राम समाज की भूमि पर पौधरोपण को संस्थागत रूप से बढ़ावा।
  • ‘मिशन वृक्षारोपण 2023’ के तहत 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया।
  • कृषि वानिकी (Agro-Forestry) को प्रोत्साहित करने हेतु किसानों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण।
  • औषधीय एवं फलदार पौधों के रोपण से पर्यावरण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया गया।
  • कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत निजी क्षेत्र को वृक्षारोपण से जोड़ा गया।
  • नर्सरी विकास कार्यक्रमों के माध्यम से पौधों की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
  • डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से लगाए गए पौधों के सर्वेक्षण और निगरानी की व्यवस्था।
  • ‘हर घर पौधा’ अभियान के जरिये नागरिकों को व्यक्तिगत रूप से हरियाली अभियान से जोड़ने की रणनीति।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश की सामाजिक-वानिकी पहलें पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास दोनों को साथ लेकर चल रही हैं। इन रणनीतियों से राज्य में हरित आवरण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

What recent initiatives has the Government of Uttar Pradesh undertaken to attract investment in the State? [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए हाल ही में क्या पहल की हैं?

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को निवेश-अनुकूल गंतव्य (Investment-friendly destination) बनाने के लिए हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि के माध्यम से राज्य को ‘ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के लक्ष्य तक पहुँचाना है। इन पहलों ने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थान दिलाया है।

मुख्य बिंदु:

  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 का आयोजन, जिसमें ₹35 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
  • इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) एजेंसी की स्थापना, जो निवेशकों को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” सुविधा प्रदान करती है।
  • नई औद्योगिक नीति 2022 के अंतर्गत कर रियायतें, भूमि बैंक और बुनियादी ढाँचे का विकास सुनिश्चित किया गया।
  • डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से विनिर्माण और रक्षा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन।
  • लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग नीति 2022 के तहत परिवहन एवं भंडारण ढाँचे को सुदृढ़ किया गया।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति से मोबाइल और सेमीकंडक्टर उद्योगों में निवेश आकर्षित हुआ।
  • टेक्सटाइल और एमएसएमई नीति के तहत उद्यमियों को आसान ऋण और सब्सिडी सुविधा दी गई।
  • ओडीओपी (One District One Product) योजना से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुँच मिली।
  • गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य मेगा परियोजनाओं से औद्योगिक कॉरिडोरों तक कनेक्टिविटी बढ़ी।
  • विदेशी निवेश (FDI) प्रोत्साहन नीति के तहत जापान, सिंगापुर, कोरिया आदि देशों के साथ समझौते हुए।
  • स्टार्टअप नीति 2022 के माध्यम से नवाचार और युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित किया गया।
  • ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (EoDB) में सुधार हेतु ऑनलाइन अनुमोदन और पारदर्शी नियम लागू किए गए।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश सरकार की ये पहलें राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर अग्रणी बना रही हैं। इन प्रयासों से न केवल औद्योगिक विकास बल्कि व्यापक रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण भी सुनिश्चित हो रहा है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

What provisions have been made in the budget of Uttar Pradesh for 2023-24 to improve its infrastructure? [Marks-12] UPPCS Mains 2023 GS-6

0

उत्तर प्रदेश में 2023-24 के बजट में बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं?

Ans: प्रस्तावना (Introduction):

उत्तर प्रदेश का बजट 2023–24 राज्य को “ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था” के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर करने हेतु तैयार किया गया है। इस बजट में बुनियादी ढाँचे के सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक निवेश, परिवहन, ऊर्जा और शहरी विकास पर विशेष बल दिया गया है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक और समावेशी इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के माध्यम से आर्थिक वृद्धि को गति देना है।

मुख्य बिंदु:

  • एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार हेतु गंगा, बुंदेलखंड, पूर्वांचल व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भारी बजट आवंटन।
  • लखनऊ, कानपुर, आगरा, गोरखपुर और वाराणसी मेट्रो परियोजनाओं के लिए ₹3,970 करोड़ का प्रावधान।
  • रेलवे कनेक्टिविटी और नगरीय सड़कों के विकास हेतु “मुख्यमंत्री नगरीय संपर्क योजना” को गति दी गई।
  • विद्युत वितरण प्रणाली सुधारने हेतु ₹21,159 करोड़ का प्रावधान किया गया।
  • शहरी विकास और “स्मार्ट सिटी मिशन” के लिए ₹24,723 करोड़ की व्यवस्था।
  • ग्रामीण सड़क विकास योजना के तहत गाँवों को पक्की सड़कों से जोड़ने पर बल।
  • डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर सहित औद्योगिक गलियारों के विकास हेतु निवेश बढ़ाया गया।
  • हवाई अड्डों और एयरस्ट्रिप्स के विस्तार के लिए ₹1,000 करोड़ का प्रावधान।
  • इनलैंड वाटरवेज और लॉजिस्टिक हब्स के विकास पर विशेष ध्यान।
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए ग्रामीण इंटरनेट कनेक्टिविटी पर निवेश।
  • सौर ऊर्जा परियोजनाओं और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वित्तीय प्रोत्साहन।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP मॉडल) के तहत बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन।

निष्कर्ष (Conclusion):

उत्तर प्रदेश बजट 2023–24 एक संतुलित एवं दूरदर्शी दस्तावेज़ है जो राज्य के आर्थिक व सामाजिक विकास को नया आधार प्रदान करता है। यह बजट उत्तर प्रदेश को सशक्त, आधुनिक और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

What is the Vision Plan 2030 of Uttar Pradesh Government with reference to the terrestrial ecosystem in the State? [Marks-8] UPPCS Mains 2023 GS-6

0

उत्तर प्रदेश सरकार का राज्य के स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संदर्भ में विज़न प्लान 2030 क्या है?

Ans: भूमिका (Introduction):

उत्तर प्रदेश सरकार का विजन प्लान 2030 राज्य के स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Terrestrial Ecosystem) को संरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक रणनीति है। इसका उद्देश्य वन क्षेत्र, जैव विविधता, भूमि प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखना है। यह योजना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG-15: Life on Land) के अनुरूप तैयार की गई है।

मुख्य बिंदु (7 Important Points):

  • राज्य में वन क्षेत्र को 9% से बढ़ाकर 15% तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • अफॉरेस्टेशन (Afforestation) और री-फॉरेस्टेशन (Reforestation) कार्यक्रमों को बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है।
  • जैव विविधता संरक्षण बोर्ड के माध्यम से दुर्लभ वनस्पतियों और प्रजातियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
  • मृदा अपरदन नियंत्रण व भूमि क्षरण (Land Degradation Neutrality) को रोकने के लिए विशेष योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
  • रामसर स्थल, वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यानों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक वानिकी और पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • योजना में हरित प्रौद्योगिकी, सौर ऊर्जा और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को भी शामिल किया गया है।

निष्कर्ष (Conclusion):

विजन प्लान 2030 उत्तर प्रदेश को पर्यावरणीय रूप से संतुलित और सतत विकासशील राज्य बनाने का खाका प्रस्तुत करता है। यह योजना मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Attempt this question in your own words and language,
Use mobile to scan image and upload in comments section below.

New Posts

My Favorites

Explain the budget making process of the Government of India. Also...

0
भारत सरकार के बजट बनाने की प्रक्रिया समझाइये। योजना व्यय एवं गैर योजना व्यय में अन्तर स्पष्ट कीजिये। Ans: परिचय (Introduction): भारत सरकार का बजट एक...